On Page SEO Mistakes क्या होती हैं कैसे इनको ठीक करे

आज के इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा कि On Page SEO Mistakes क्या होती है। लोग जब भी कंटेंट लिखते हैं तो यह मिस्टेक जरूर करते हैं जो मैं आपको बताने वाला हूं। अगर आप भी कंटेंट लिखते समय यह मिस्टेक्स करते हो तो आपको भी इन Mistakes को नहीं करना चाहिए जो मैं आपको बताने वाला हूं। आज कैसे आर्टिकल में मैं आपको वह हर एक Mistake बताऊंगा जो लोग करते हैं कंटेंट लिखते समय अपनी वेबसाइट पर।

On Page SEO Mistakes क्या होती हैं

यह जो On Page SEO Mistakes होती है, यह तब होती है जब आप लोग कंटेंट लिखते हो अपनी वेबसाइट के ऊपर जब आप लोग एक कंटेंट लिखते हो और कंटेंट लिखते समय जब आप Mistakes करते हो तो इस मिस्टेक्स की वजह से आपका जो कंटेंट है, वह सही से रैंक नहीं हो पता है। सर्च इंजन के अंदर मिस्टेक्स काफी सारी Mistakes होती है। जैसे इमेज को ऑप्टिमाइज नहीं करना कंटेंट को सही से ऑप्टिमाइज नहीं करना, कंटेंट की लेंथ छोटी रखना, कॉपी कंटेंट लिखना और भी बहुत सारे मिस्टेक्स होती है जो लोग करते हैं इसके अंदर।

Common On Page SEO Mistakes

On Page SEO Mistakes

चलिए अब मैं आपको वह सारी मिस्टेक्स बताता हूं, जो लोग करते हैं अपने कंटेंट को लिखते समय अगर आप भी इनमें से कुछ मिस्टेक्स करते हो। अपनी वेबसाइट के ऊपर अपने कंटेंट के ऊपर तो आज से ही इन मिस्टेक्स को करना बंद करिए। अगर आपको भी अपनी वेबसाइट को अच्छी पोजीशन पर रैंक करना है। सर्च इंजन के अंदर।

Title Tag को Optimize न करना

जब आप लोग कंटेंट लिखते हो तो कंटेंट लिखने के बाद आपको अपने कंटेंट का एक टाइटल भी लिखना होता है। अच्छे से अब वह जो टाइटल होगा वह टाइटल आपका सर्च इंजन के अंदर दिखाई देता है। अब कुछ लोग क्या करते हैं, उस टाइटल को अच्छे से ऑप्टिमाइज ही नहीं करते हैं। ऐसे ही छोड़ देते हैं तो अगर आप भी ऐसे ही छोड़ देते हो। उस टाइटल को तो ऐसी स्थिति में आपका

जो वह टाइटल है, वह सर्च इंजन Friendly नहीं है तो आपको उस टाइटल को सर्च इंजन फ्रेंडली बनाना होता है। खुद से उस टाइटल को छोटा लिखना होता है। इफेक्टिव लिखना होता है और एक लिमिट होती है। उसके अंदर ही लिखना होता है।

Meta Description न लिखना

बहुत सारे लोग जब कंटेंट लिखते हैं तो सिर्फ वह कंटेंट को लिखते हैं और पब्लिश कर देते हैं। वह कंटेंट का Meta डिस्क्रिप्शन को कभी भी एडिट नहीं करते या फिर खुद से नहीं लिखते हैं। अगर आप भी ऐसा ही करते हो, खुद से Meta डिस्क्रिप्शन को नहीं लिखते हो तो ऐसी स्थिति में जो आपका Meta डिस्क्रिप्शन है, वह कहीं ना कहीं सर्च इंजन Friendly नहीं होने वाला है।

अब आपको क्या करना है जब भी आप कंटेंट लिखोगे तो आप कंटेंट लिखने के बाद आपको अपने Meta डिस्क्रिप्शन को भी अच्छे से ऑप्टिमाइज करना है। अपने Meta डिस्क्रिप्शन के अंदर अपना Main कीवर्ड ऐड करना है जो आपका फॉक्स कीवर्ड है और इसी के साथ-साथ आपको अपने Meta डिस्क्रिप्शन की एक लिमिट है। उस लिमिट के अंदर ही लिखना है।

Keyword Stuffing करना

यह बड़ा मिस्टेक है। इसको बहुत सारे लोग करते हैं। अब इसमें लोग क्या करते हैं। कंटेंट को जल्दी रैंक करवाने के लिए वह अपने keyowrd को बहुत बार कंटेंट में ऐड कर देते हैं। मतलब लिमिट से ज्यादा ऐड कर देते हैं। मैं आपको बता दूं ये एक गलत प्रेक्टिस है क्योंकि अगर आप लिमिट से ज्यादा कीवर्ड को अपने कंटेंट में ऐड कर देते हो। इसका मतलब है कि आपने कीवर्ड स्टफिंग कर

दी है और इस चीज को सर्च इंजन अच्छा नहीं मानता है। जब भी आप keyword को ऐड करो अपने कंटेंट के अंदर तो उसको कुछ लिमिटेड एरिया में ही ऐड करना होता है और उसकी भी एक लिमिट होती है। ऐड करने की 1 से 2% के बीच ही रखना होता है इसको।

Heading Tags (H1, H2, H3) का गलत उपयोग

बहुत सारे लोगों को हेडिंग स्ट्रक्चर नहीं पता होता है कि किस तरीके से कंटेंट के अंदर हेडिंग देनी है। मैं आपको एक बात बता दूं। अगर आपने सही तरीके से हेडिंग स्ट्रक्चर नहीं Use किया। अपने कंटेंट के अंदर तो ऐसी स्थिति में आपका जो कंटेंट है उस पर प्रॉब्लम आ सकती है तो जब भी कंटेंट लिखोगे तो प्रॉपर एक हैडिंग स्ट्रक्चर फॉलो करना होता है आपको।

Low-Quality Content Publish करना

अब इसमें लोग क्या करते हैं लोग किसी भी टॉपिक के ऊपर अगर कंटेंट बना रहे हैं तो ऐसी स्थिति में वह लोग क्या करेंगे। छोटा सा कंटेंट लिख देंगे या फिर कहीं से कॉपी कर लेंगे और अपनी वेबसाइट के ऊपर पेस्ट कर देंगे या फिर किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कंटेंट लिखवा लेंगे। मैं आपको बता दूं। अगर आप इनमें से कुछ भी काम करते हो तो ऐसी स्थिति में जो आपका कंटेंट

है, वह बिल्कुल बेकार का कंटेंट होने वाला है। सर्च इंजन ऐसे कंटेंट को कभी भी रैंक नहीं करता है। सर्च इंजन हमेशा ऐसे कंटेंट को रैंक करता है। जिस कंटेंट के अंदर अच्छी वैल्यू होती है जो कंटेंट लोगों की प्रॉब्लम को सॉल्व कर सकता है। हमेशा सर्च इंजन में ऐसा ही कंटेंट रैंक होते हैं और खुद से हमेशा कंटेंट लिखना है। आपको कहीं से कॉपी पेस्ट नहीं करना है। जितनी नॉलेज आपके पास है वह आपको अपने कंटेंट में बतानी है।

Image Optimization न करना

जब लोग कंटेंट लिखते हैं तो कंटेंट के अंदर लोग इमेज भी लगाते हैं। अब बहुत सारे लोग क्या करते हैं। इमेज को ऐसे ही लगा देते हैं। बिना ऑप्टिमाइज करें। बिना इमेज का सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करें। मैं आपको बता दूं। अगर आप भी ऐसे ही इमेज को अपलोड कर देते हो तो ऐसी स्थिति में आपकी जो इमेज है, वह रैंक नहीं होने वाली है। सर्च इंजन के अंदर और इससे क्या होगा कि

आपके कंटेंट पर भी इंपैक्ट पड़ेगा तो जब भी इमेज लगाओगे अपने कंटेंट के अंदर तो उस इमेज को अच्छे से कंप्रेस करना है। उसका साइज कम करना है और इसके साथ-साथ अपनी इमेज को अच्छे से सर्च इंजन फ्रेंडली भी बनाना है। जो इमेज का Alt Tag है उसके अंदर बताना है कि वह इमेज किस बारे में है। इमेज के अंदर कीवर्ड का भी इस्तेमाल करना है।

Internal Linking को Ignore करना

आप जब भी कंटेंट लिखते हो तो कंटेंट को पूरा लिखने के बाद कुछ लोग क्या करते हैं कंटेंट को ऐसे ही पब्लिश कर देते हैं। बिना इंटरनल लिंकिंग करे हुए ही तो मैं आपको बता दूं। आपको ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। अगर आप एक कंटेंट लिखते हो। आप एक पूरा कंटेंट लिख रहे हो तो कंटेंट के लास्ट में आपको उस कंटेंट के अंदर कुछ और कंटेंट के लिंक भी देना चाहिए।

इंटरनल लिंकिंग करनी चाहिए। इससे आपको ही फायदा होगा। आपकी वेबसाइट को फायदा होगा। इससे क्या होता है कि आपका जो कंटेंट है। वह जल्दी इंडेक्स होने लग जाते हैं और इससे आपकी वेबसाइट का जो बाउंस रेट है, वह भी कम रहता है।

Mobile-Friendly Website न होना

यह एक बहुत बड़ी दिक्कत है। अगर आपकी वेबसाइट के ऊपर भी यह दिक्कत है। अगर आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली नहीं है तो ऐसी स्थिति में आपकी वेबसाइट के ऊपर आधे से ज्यादा ट्रैफिक तो आता ही नहीं है क्योंकि आज के समय में जितने भी सच होते हैं, वह मोबाइल से ज्यादा सर्चस किए जाते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको एक चीज का ध्यान रखना है। आपको हमेशा अपनी

वेबसाइट को मोबाइल फ्रेंडली ही बना कर रखना है। आपको चेक करना है कि आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली है या नहीं। अगर आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली नहीं है तो तुरंत आपको अपनी वेबसाइट को मोबाइल फ्रेंडली बनाना है। इसके लिए आपको मोबाइल फ्रेंडली थीम का इस्तेमाल करना है और मोबाइल फ्रेंडली डिजाइन का इस्तेमाल करना है।

Page Speed पर ध्यान न देना

इंटरनेट पर आज के समय में बहुत सारी वेबसाइट है जो चल रही है। अब उनमें से बहुत सारी वेबसाइट की जो स्पीड है। वह बहुत अच्छी होती है और बहुत सारी वेबसाइट की जो स्पीड है, वह बहुत कम होती है। मैं आपको एक बात बता दूं। जिन वेबसाइट की स्पीड बहुत कम होती है, ऐसी वेबसाइट को ज्यादा रैंकिंग नहीं मिलती है क्योंकि ऐसी वेबसाइट पर क्या होता है। जब भी कोई यूजर आता है तो आपकी वेबसाइट ओपन होने में बहुत समय ले लेती है तो ऐसी स्थिति में यूजर आपकी वेबसाइट को छोड़कर चला जाता

है और इस चीज को गूगल अपने पास नोट कर लेता है कि किस वेबसाइट की कितनी स्पीड है। अब ऐसी स्थिति में गूगल ऐसी वेबसाइट को कभी भी रैंक नहीं करेगा। हाई पोजिशन पर जिसकी स्पीड कम है तो इसके लिए आपको एक काम करना है। आपको अपनी वेबसाइट की स्पीड को अच्छे होने पर काम करना है। मतलब आपको अपनी वेबसाइट की स्पीड को बढ़ाना है। अब उसके लिए बहुत सारे तरीके होते हैं जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हो।

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