Generative Engine Optimization आज के इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा कि Generative Engine Optimization क्या है, इसको किस तरीके से किया जाता है। लोग अपनी वेबसाइट पर इसको क्यों करते हैं और यह क्यों जरूरी है तो चलिए आज का कंटेंट शुरू करते हैं।
दोस्तों कंटेंट को शुरू करने से पहले मैं आपको कुछ चीज बताना चाहता हूं। आज के समय में जो लोग सर्चस करते हैं गूगल के अंदर तो बहुत सारे लोग तो गूगल का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। आज भी सर्च करने के लिए। लेकिन आज के समय में बहुत सारे ऐसे प्लेटफार्म भी है जो Search में इस्तेमाल किए जाते हैं। आज के समय में बहुत सारे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स है, जिनको सर्चस में इस्तेमाल किया जाता है। मतलब लोग उन टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। कुछ भी इनफॉरमेशन लेने के लिए और Copilot भी है। बहुत सारे अलग-अलग चीज हैं जहां पर लोग सर्च करते हैं आज के समय में।
Generative Engine Optimization (GEO) क्या है
Generative Engine Optimization इसका मतलब यह होता है कि जो भी सर्च इंजन के अंदर कंटेंट रैंक कर रहे हैं और जो भी ट्रेडिशनल तरीका है। सर्च इंजन में कंटेंट को रैंक करने का उसको यह फॉलो करता है। Generative Engine Optimization यह क्या करता है कि यह कंटेंट को या फिर किसी भी वेबसाइट के कंटेंट को कुछ इस तरीके से जनरेट करता है जिससे वह सर्च इंजन पर अच्छे से सर्च हो सके और इसके साथ-साथ जो भी सर्च इंजन में कुछ लोग सर्च करना चाहते हैं, उनकी Query का आंसर दे सके।
Generative Engine Optimization इस मेथड से आपके जो कंटेंट है वह सिर्फ सर्च इंजन के लिए ही ऑप्टिमाइज नहीं होते हैं। वह कंटेंट हर उसे तरीके के लिए ऑप्टिमाइज होते हैं। जो भी तरीके सर्च करने के लिए लोग इस्तेमाल करते हैं जैसे आज के समय में लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल करते हैं। सच करने के लिए तो यह जो मेथड है
यह आपके कंटेंट को उसके अकॉर्डिंग भी कस्टमाइज्ड कर देता है। मतलब अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके कोई सर्च करता है तो उस स्थिति में भी आपके कंटेंट को आपके कंटेंट का आईडिया वहां पर बताया जा सकता है। लेकिन यह काम जो है, वह यही करता है। Generative Engine Optimization आपके कंटेंट को पहले मॉडिफाई करता है उस तरीके से ताकि जो आपका कंटेंट है, वह सच में आ सके।
SEO और GEO में क्या अंतर है
वैसे ये दोनों अलग-अलग नहीं है। यह दोनों एक दूसरे पर ही डिपेंडेंट है। इन दोनों का काम एक ही है कि यूजर की क्वेरी को अच्छे से अच्छे तरीके से आंसर दे सके। मतलब कोई भी यूजर जो भी सर्च कर रहा है जो भी उसकी कुंवारी है, उसको सही तरीके से आंसर देना। इन दोनों का काम एक ही होता है।
SEO का मुख्य उद्देश्य
अगर हमें एक वेबसाइट का सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करना है। ट्रेडिशनल तरीके से तो इसमें हम क्या करते हैं। इसमें हम ओरिजिनल कंटेंट लिखते हैं। कंटेंट का सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करते हैं। वेबसाइट के लिए बैकलिंक बनाते हैं। अच्छी इमेज बनाते हैं और नई-नई इनफार्मेशन देते हैं। अपनी वेबसाइट के ऊपर ताकि जो भी व्यक्ति हमारी वेबसाइट पर आ रहा है, वह हमारी वेबसाइट के कंटेंट को पढ़ सके और ज्यादा से ज्यादा समय हमारी वेबसाइट पर बिता सके तो यह सारे तरीके जो है, वह इसके अंदर लगाए जाते हैं।
GEO का मुख्य उद्देश्य
अब इसका जो काम होता है वह यह काम होता है कि जितने भी ऑनलाइन कंटेंट मौजूद है, जितने भी सर्च इंजन पर कंटेंट मौजूद है और जितने भी लोगों की क्वेरी है उस क्यूरी के हिसाब से उन लोगों को सही कंटेंट दिखाना यह इसका काम होता है। मतलब अगर कुछ लोग क्वेरी करते हैं। रिलेटेड टू डिजिटल मार्केटिंग तो इसका काम यह है कि उन लोगों को सिर्फ डिजिटल मार्केटिंग से रिलेटेड ही कंटेंट दिखाया जाए जो उसको डिमांड है, उसकी पूरी किया जाए। यह इसका काम होता है।
GEO के लिए Content कैसे Optimize करें
सवाल का सीधा जवाब दें
इसमें आपको क्या करना है जब भी आप आर्टिकल बनाओगे किसी भी टॉपिक के ऊपर आप आर्टिकल बना रहे हो तो हो सके तो स्टार्टिंग में ही आपको उस क्वेश्चन का आंसर दे देना है जो यूजर पूछ रहा है।
Content को अच्छी तरह Structure करें
जब आप एक कंटेंट लिखो तो कंटेंट अच्छे से आपको लिखना है। एक कंटेंट ऐसा नहीं लिखना है जिसको पढ़ने में बोरियत Feel हो Person पढ़ने के बाद परेशान हो जाए। ऐसा बिल्कुल नहीं करना है। आपको अपने कंटेंट में छोटे-छोटे पैराग्राफ लिखने हैं ताकि पढ़ने में यूजर को अच्छे लगे और इसके साथ-साथ हैडिंग भी अच्छे से देनी है और सब हेडिंग भी अच्छे से देनी है ताकि यूजर को अच्छे से समझ में आ सके कि कंटेंट किस बारे में है। हेडिंग किस बारे में है क्या आप बताना चाहते हो
केवल Keywords पर निर्भर न रहें
कुछ लोग क्या करते हैं जब वह कंटेंट लिखते हैं तो कंटेंट के अंदर सिर्फ keywords ही डालते रहते हैं और उनके ऊपर ही कंटेंट को बनाते जाते हैं। लंबा करते जाते हैं लेकिन आपको ऐसा नहीं करना है। आपको सबसे पहले अपने टॉपिक को एक्सप्लेन करना है। जो भी आपका टॉपिक है और उस टॉपिक से रिलेटेड जो भी और इनफॉरमेशन है, वह आपको बतानी है और लास्ट में कंटेंट के अगर हो सके तो क्वेश्चन आंसर भी देने हैं। जो यूजर पूछते हैं उस टॉपिक से रिलेटेड जिसके ऊपर आप कंटेंट बना रहे हो।
Facts और Sources का ध्यान रखें
अब यह बहुत ही इंपॉर्टेंट चीज है। जो भी इनफॉरमेशन आप अपने कंटेंट के अंदर दे रहे हो। आपको इस बात का ध्यान रखना है। वह इनफॉरमेशन अच्छे तरीके से आपको चेक कर लेनी है। मतलब एक जेनुइन इनफॉरमेशन देनी है। अपने यूजर को कोई भी गलत इनफार्मेशन आपको नहीं देनी है। अपने यूजर को अगर आप गलत इनफार्मेशन दोगे तो ऐसी स्थिति में सर्च इंजन ही आपके कंटेंट को समझ जाएगा और वह रैंकिंग में भी कभी नहीं आने वाला है तो जितना हो सके सही इनफॉरमेशन देनी है। यूनिक इनफॉरमेशन देनी है अपने कंटेंट में।
FAQ Section बनाएं
जब आप एक पूरा कंटेंट लिखोगे जिस भी टॉपिक के ऊपर आप कंटेंट बना रहे हो, उसको आप पूरा कर लोगे जब पूरा कंटेंट बन जाएगा तो बहुत बार क्या होता है कि जिस टॉपिक पर अपने कंटेंट लिखा है उस टॉपिक से रिलेटेड बहुत सारे लोग कुछ सर्च भी करते हैं। कुछ क्वेश्चन सर्च करते हैं। उस टॉपिक से रिलेटेड आपको मिल जाएंगे जिनकी मदद से आप उन क्वेश्चंस को ढूंढ सकते हो। आपको कम से कम अपने आर्टिकल के लास्ट में 4 से 5 क्वेश्चन लिखने हैं और उनके आंसर देने हैं। अच्छे तरीके से इससे क्या होता है कि इससे आपके कंटेंट पर ट्रस्ट बनता है और यूजर आपकी वेबसाइट पर ज्यादा देर तक भी रुकता है।
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मेरा नाम जानू है, मैं कई सालों से SEO कर रहा हूँ। मुझे SEO करते हुए 5 साल से ज़्यादा हो गए हैं। हमारी वेबसाइट का एक ही लक्ष्य है कि जो भी लोग SEO सीखना चाहते हैं उनका हमारी वेबसाइट पर स्वागत है। हम अपनी तरफ़ से पूरी मेहनत करते हैं ताकि लोग SEO के बारे में सही से जान सकें जिससे आप अपने डिजिटल मार्केटिंग स्किल्स को बेहतर बना सकते हैं