SEO Checklist for Beginners ये बहुत काम के हैं बिगिनर लेवल के लिए

SEO Checklist for Beginners आज के आर्टिकल में, मैं नए लोगों (बिगनर्स) के लिए SEO चेकलिस्ट बताने जा रहा हूँ। मैं SEO चेकलिस्ट की उन ज़रूरी चीज़ों के बारे में बताऊँगा जिनके बारे में एक नए व्यक्ति को पता होना चाहिए, और इसमें SEO के लिए ज़रूरी लगभग सभी मुख्य बातें शामिल होंगी।

SEO क्या है

SEO एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक पाने के लिए किसी वेबसाइट को खास तरीके से डिज़ाइन किया जाता है और उस पर काम किया जाता है। SEO के कई प्रकार हैं जिन्हें लागू करने की ज़रूरत होती है—जैसे ऑन-पेज SEO, ऑफ़-पेज SEO और टेक्निकल SEO। ये किसी वेबसाइट के लिए SEO के मुख्य प्रकार हैं और इन्हें लागू करने से साइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक लाने में मदद मिल सकती है।

SEO Checklist for Beginners

On-Page SEO Checklist

Keyword Research

कीवर्ड रिसर्च एक बहुत ही इंपॉर्टेंट पार्ट होता है। जब भी आप कंटेंट लिखो तो सही तरीके से कीवर्ड रिसर्च करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। जब भी आप कंटेंट लिखो तो आपको ऐसे कीवर्ड लेने हैं। अपने कंटेंट के लिए जिस कीवर्ड का सच वॉल्यूम अच्छा हो और उनके ऊपर कंपटीशन कम हो। अगर आप ऐसे कीवर्ड पर काम करते हो तो आपकी रैंकिंग के ज्यादा चांसेस होते हैं।

SEO Title
SEO Title

जब आप एक कंटेंट लिखते हो तो उस कंटेंट का एक टाइटल भी होता है। अब वह टाइटल जो है वह सर्च इंजन फ्रेंडली होना चाहिए। जितना आपका टाइटल सर्च इंजन फ्रेंडली होगा, उतना ही उस पर क्लिक होने के चांसेस भी बढ़ते हैं और रैंकिंग के चांसेस भी बढ़ते हैं। कंटेंट के गूगल के अंदर अब सर्च इंजन फ्रेंडली टाइटल बनाने के लिए आपको टाइटल की लिमिट को ध्यान में रखना होगा और जो भी आपका फॉक्स कीवर्ड है वह आपको अपने टाइटल में ऐड करना होगा स्टार्टिंग में।

Meta Description

Meta डिस्क्रिप्शन एक टेक्स होता है। यह वहां पर दिखाई देता है। जब कोई भी व्यक्ति गूगल के अंदर कुछ भी सर्च करता है तो उसके सामने एक लिंक आता है। उस लिंक के जो नीचे लिखा होता है, एक छोटा सा Meta डिस्क्रिप्शन होता है, इसी को हम Meta डिस्क्रिप्शन बोलते हैं। अब यह Meta डिस्क्रिप्शन आपकी पोस्ट के बारे में ही होता है तो इसको भी आपको लिखना जरूरी है। हमेशा यह लिखो और इसको जितना अच्छे से लिखोगे उतना ही आपकी पोस्ट पर क्लिक होने के चांसेस बढ़ते हैं तो Meta डिस्क्रिप्शन आपको अच्छे से लिखना है। इसकी एक लिमिट होती है। उस लिमिट में ही आपको यह लिखना है।

URL Optimization
URL Optimization

जब आप एक कंटेंट बनाते हो तो उस कंटेंट का एक यूआरएल भी बनता है। अब यह जो यूआरएल है यह सर्च इंजन फ्रेंडली होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। तभी आपका जो यूआरएल है वो अच्छा माना जाएगा। अब आप इसको कैसे सर्च इंजन फ्रेंडली बना सकते हो। इसके लिए आपको यूआरएल को हमेशा छोटा रखना है। ज्यादा बड़ा यूआरएल नहीं करना है और अपने यूआरएल के अंदर आपको अपना फोकस कीवर्ड भी ऐड करना है। जिस कीवर्ड के ऊपर आप अपने कंटेंट को रैंक करवाना चाहते हो और इसके साथ-साथ आपको अपने यूआरएल के अंदर कोई भी नंबर का इस्तेमाल नहीं करना है।

Heading Structure

यह एक बहुत ही इंपॉर्टेंट चीज है जब आप एक कंटेंट लिखते हो तो कंटेंट के अंदर एक हेडिंग स्ट्रक्चर होता है जो आपको फॉलो करना होता है। अब कुछ लोग क्या करते हैं। कुछ लोग कहीं पर भी कुछ भी हेडिंग डाल देते हैं। कंटेंट के अंदर तो इससे आपकी वेबसाइट पर प्रॉब्लम आ सकती है।

इससे आपके कंटेंट में प्रॉब्लम आ सकती है। Content के अंदर आपको हमेशा एक सही हैडिंग स्ट्रक्चर फॉलो करना है जो आपकी Main हेडिंग होती है। मतलब जो आपका टाइटल होता है, कंटेंट का वह H1 में होता है। उसके बाद की जितनी भी एडिंग होती है वह H2 H3 H4 में लेनी है। ऐसे ही आपको हेडिंग स्ट्रक्चर फॉलो करना है प्रॉपर तरीके से।

Internal Linking

बहुत सारे लोग कंटेंट तो लिख लेते हैं लेकिन कंटेंट के अंदर इंटरनल लिंकिंग नहीं करते हैं। आपको बिल्कुल भी ऐसा नहीं करना है। जब भी आप कंटेंट लिखो तो कंटेंट के अंदर इंटरनल लिंकिंग करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। जितना ज्यादा आप कंटेंट कंटेंट के अंदर इंटरनल लिंकिंग करोगी। इससे आपकी वेबसाइट के ऊपर यूजर्स ज्यादा देर तक रुकता है और इससे आपकी Bounce Rate है, वह भी कम रहती है।

Image SEO

बहुत सारे लोग क्या करते हैं अपने कंटेंट के अंदर इमेज का इस्तेमाल करते हैं। अब कुछ लोग क्या करते हैं। इमेज को ऐसे ही अपलोड कर देते हैं। बिना कुछ सोचे समझे लेकिन आपको बिल्कुल भी ऐसा नहीं करना है। जब भी आप कंटेंट के अंदर इमेज अपलोड करोगे तो उस इमेज का अच्छे तरीके से सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करना है।

सबसे पहले आपको उस इमेज को कंप्रेस करना है। उसका साइज को कम करना है। फिर दूसरा काम क्या करना है, उसे इमेज के अंदर अपना टैक्स डालना है। मतलब जिस चीज के बारे में वह इमेज है वह उस इमेज के अंदर आपको बताना है जो ALT text के अंदर इससे क्या होता है कि जब आपकी इमेज से रिलेटेड कोई भी व्यक्ति सर्च करता है तो आपकी इमेज की वजह से भी आपकी वेबसाइट और आपका कंटेंट सर्च इंजन में आ सकता है।

Content Length

बहुत सारे लोग क्या करते हैं जब कंटेंट लिखते हैं तो कंटेंट की जो लेंथ है, उसका ध्यान ही नहीं रखते हैं। कुछ भी लेंथ का कंटेंट बना देते हैं। कुछ लोग 600 words का कंटेंट लिख देते हैं। कुछ लोग 500 word का कंटेंट लिख देते हैं। कुछ लोग 700 word का कंटेंट लिख देते हैं, लेकिन आपको बिल्कुल भी ऐसा नहीं करना है।

अगर आपको भी अपना कंटेंट सर्च इंजन में रैंकिंग में लाना है तो कम से कम आपको 800 प्लस शब्द का कंटेंट लिखना है। अपनी वेबसाइट के ऊपर तभी जाकर वह रैंकिंग में आएगा और जितना ज्यादा कंटेंट होगा, मतलब 1000 शब्द का होगा। उतना ही आपका अच्छा कंटेंट माना जाएगा। लेकिन एक बात का और ध्यान रखना है। ज्यादा शब्द ऐड करने के लिए कोई भी बेकार की चीज अपने कंटेंट में ना लिखें।

Off-Page SEO Checklist

Quality Backlinks

अगर आपको अपनी वेबसाइट को जल्दी से रैंक करना है। सर्च इंजन के अंदर और अच्छी पोजीशन पर रैंक करना है। सर्च इंजन के अंदर तो आपको इस बात का बहुत ज्यादा ध्यान रखना है। आपको अपनी वेबसाइट के लिए अच्छी क्वालिटी के बैकलिंक बनाने पर काम करना है। जितने ज्यादा अच्छी क्वालिटी के आपकी वेबसाइट के पर बैकलिंक होंगे, उतना ही ज्यादा चांसेस बढ़ते हैं। आपकी वेबसाइट के रैंक होने के सर्च इंजन में तो अच्छी क्वालिटी का बैकलिंक बनाने पर फोकस करो। इसमें आप Dofollow backlink बन सकते हो। यह अच्छे backlinks होते हैं।

Social Media
social media
social media

जब आप एक वेबसाइट बना लेते हो, वेबसाइट के ऊपर काम करना स्टार्ट कर देते हो। कंटेंट लिखना स्टार्ट कर देते हो तो एक समय आने पर आपको अपनी वेबसाइट पर प्रमोशन भी करना होता है। अब प्रमोशन करने के लिए आज के टाइम में बहुत सारे प्लेटफार्म है। सोशल मीडिया का आप इस्तेमाल कर सकते हो। अपनी वेबसाइट का प्रमोशन करने के लिए सोशल मीडिया आज के समय में एक बहुत ही अच्छे प्लेटफार्म है जिसकी मदद से आप अपनी वेबसाइट पर अच्छा खासा ट्रैफिक भी ला सकते हो और अच्छी खासी Popularity भी ला सकते हो।

Competitor Backlink Research

इसमें आपको क्या करना है। इसमें आपको अपने Competitor की Backlink रिपोर्ट देखनी है। आपके Competitor के बैकलिंक रिपोर्ट में आपको यह देखना है कि जो आपके Competitor हैं, उन्होंने कहां से बैकलिंक बना रखे हैं। कौन से अच्छे बैकलिंक उन्होंने बना रखे हैं। किस वेबसाइट से उन्होंने बना रखी है। फिर उसके बाद आपको उनसे अच्छी स्ट्रेटजी बनानी है। Backlink की तभी जाकर आपकी वेबसाइट जो है उन वेबसाइट को हरा पाएगी और आपकी वेबसाइट अच्छे से रैंकिंग में आ पाएगी।

Technical SEO Checklist

Indexing Check

इसके अंदर आपको यह देखना है कि आपकी जो वेबसाइट के कंटेंट है, अगर कुछ कंटेंट इंडेक्स नहीं हो रहे हैं तो उनके कारण पता लगाना है। किस वजह से वह कंटेंट आपके जो है, इंडेक्स नहीं हो रहे हैं और एक बारी अगर आपको कारण पता चल गया कि किस वजह से वह कंटेंट इंडेक्स नहीं हो रहे हैं तो फिर आपको उन कंटेंट को इंडेक्स करवाने पर काम करना है। मतलब उस दिक्कत को ठीक करना है जो दिक्कत आ रही है। जिस वजह से कंटेंट इंडेक्स नहीं हो पा रहे हैं, उसको ठीक करना है क्योंकि इंडेक्स अगर कंटेंट नहीं होंगे तो वह रैंकिंग में भी नहीं आएंगे।

Website Speed

यह एक बहुत ही इंपॉर्टेंट चीज होती है। एक वेबसाइट के लिए अगर आपकी वेबसाइट की स्पीड स्लो है तो ऐसे में आपकी वेबसाइट की जो रैंकिंग है, वह डाउन हो सकती है और यूजर भी आपकी वेबसाइट पर आना पसंद नहीं करता है। अगर आपकी वेबसाइट की स्पीड स्लो है तो अगर आपकी वेबसाइट की स्पीड स्लो है तो मार्केट के अंदर बहुत सारे टूल्स आते हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप अपनी वेबसाइट की स्पीड को फास्ट कर सकते हो

और हमेशा आपको अपनी वेबसाइट की स्पीड को फास्ट ही रखना है क्योंकि सर्च इंजन भी उन वेबसाइट को पसंद करता है। जिस वेबसाइट की स्पीड जो है, फास्ट होती है और फास्ट वेबसाइट के ऊपर ही यूजर जाना पसंद करते हैं क्योंकि स्लो वेबसाइट होगी तो यूजर आपकी वेबसाइट पर ज्यादा देर तक नहीं रुकेगा। वह किसी दूसरी वेबसाइट पर चला जाएगा तो ऐसी वेबसाइट में ऐसे टाइम में आपकी जो है, वेबसाइट का ट्रैफिक डाउन होता है।

Website Mobile Friendly

यह बहुत ही इंपॉर्टेंट चीज है। अब इसमें आपको क्या करना है। आपको यह देखना है कि आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली है या नहीं। अगर आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली नहीं है तो यह बहुत ही गलत है। आपकी वेबसाइट के लिए आपको इसको जल्दी से ठीक करना चाहिए। आपको हमेशा अपनी वेबसाइट को मोबाइल फ्रेंडली बना कर ही रखना है। अब इसके लिए आप क्या कर सकते हो। आपको सबसे पहले मोबाइल फ्रेंडली थीम का इस्तेमाल करना है।

अगर आपकी वेबसाइट वर्डप्रेस के ऊपर बनी हुई है तो आपको बहुत सारी थीम ऐसी मिल जाती है जो मोबाइल फ्रेंडली होती है। अब दूसरा काम आपको मोबाइल के ऊपर अपनी वेबसाइट को चेक करना है कंटेंट देखने में अच्छा लग रहा है। बटन पर क्लिक हो रहे हैं, लिंक पर क्लिक हो रहा है। सब चीज अच्छे से चेक करनी है मोबाइल के ऊपर अपनी वेबसाइट के अंदर।

Broken Links & Errors

इसमें आपको यह चेक करना है कि अगर आपकी वेबसाइट के ऊपर कोई लिंक टूट गया है या फिर आपकी वेबसाइट के पर कुछ लिंक पहले बने हुए थे लेकिन अब वह काम नहीं कर रहे हैं तो आपको उन लिंक को ठीक करने पर काम करना चाहिए। टूटे हुए लिंक आपको अपनी वेबसाइट पर नहीं रखने हैं क्योंकि जितने Broken लिंक आपकी वेबसाइट पर होंगे इससे जो है नेगेटिव इंपैक्ट पड़ता है। आपकी वेबसाइट के ऊपर तो जितना हो सके अपनी वेबसाइट पर से टूटे हुए लिंग को हटाना है।

Duplicate Content

अगर आपकी वेबसाइट के ऊपर डुप्लीकेट कंटेंट है तो ऐसी स्थिति में आपकी वेबसाइट के जो रैंकिंग है, वह डाउन हो सकती है। सर्च इंजन कभी भी डुप्लीकेट कंटेंट को रैंकिंग में नहीं लाता है तो इस बात का आपको ध्यान रखना है। अगर आपकी वेबसाइट के ऊपर डुप्लीकेट कंटेंट है तो आपको उसे कंटेंट को हटा देना है

या फिर चेंज कर देना है तभी जाकर वह रैंकिंग में आएगा और दूसरा काम आपको यह करना है कि कहीं से भी कंटेंट को कॉपी पेस्ट करके अपनी वेबसाइट पर नहीं ऐड करना है क्योंकि अगर आप कॉपी पेस्ट करके कंटेंट को अपनी वेबसाइट पर ऐड करते हो तो सर्च इंजन इस चीज को आसानी से समझ जाता है और वह उसे कंटेंट को कभी भी रैंकिंग में नहीं लाने वाला है।

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