Basic SEO Interview Questions अगर आप SEO में करियर बनाना चाहते हैं, तो नौकरी पाने के लिए आपको इंटरव्यू देना होगा। अगर आप इस फ़ील्ड में अभी शुरुआत कर रहे हैं, तो आपको SEO की बेसिक जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि आपसे इससे जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। मैंने SEO से जुड़े कुछ ज़रूरी सवाल बताए हैं जो आपके इंटरव्यू में पूछे जा सकते हैं; इनकी अच्छी तरह से तैयारी करना आपके लिए बहुत फ़ायदेमंद रहेगा।
Basic SEO Interview Questions
Question:1 कंटेंट में इंटरनल लिंकिंग क्यों करते हैं?
Question:2 Keyword क्या होता है और SEO में इसका क्या महत्व है?
Question:3 keyword Research करने के लिए कोई 2 टूल्स के नेम्स बताओ?
Question:4 एक कंटेंट की लेंथ कितनी होनी चाहिए गूगल में रैंक करने के लिए ?
Question:5 On-Page-SEO के कोई 4 पॉइंट्स बताओ?
Question:6 Guest posting क्या होती हैं?
Question:7 keyword Stuffing क्या होती हैं?
Question:8 आपकी राय में, वेबसाइट की रैंकिंग के लिए कौन से बैकलिंक्स बेहतर हैं dofollow या nofollow?
Question:9 क्या किसी वेबसाइट की रैंकिंग के लिए कंटेंट की क्वालिटी ज़्यादा ज़रूरी है या क्वांटिटी?
Question:10 Sitemap क्या होता हैं?
| Answers |
| Answer:1 जब हम एक कंटेंट लिखते हैं तो उस कंटेंट के अंदर हम इंटरनल लिंकिंग इसलिए करते हैं ताकि जो भी व्यक्ति हमारा कंटेंट पड़ रहा है, उस कंटेंट को पढ़ने के बाद जो व्यक्ति है, वह हमारे दूसरे कंटेंट को भी पढ़ सके। इसलिए भी हम इंटरनेट की करते हैं और इसका दूसरा रीजन यह है कि जब हम इंटरनल लिंकिंग करते हैं तो इससे जो है हमारी वेबसाइट का बाउंस रेट कम रहता है। व्यक्ति हमारी वेबसाइट पर ज्यादा देर तक रुकता है। ये एक अच्छा सिग्नल होता है गूगल के लिए। |
| Answer:2 कीवर्ड वे शब्द होते हैं जिनका इस्तेमाल लोग सर्च इंजन से जानकारी खोजने के लिए करते हैं जैसे, best Restaurant near me” बार-बार खोजे जाने वाले इन कीवर्ड्स को अपने कंटेंट में शामिल करने से सर्च इंजन पर उसके बेहतर रैंक करने की संभावना काफी बढ़ सकती है। |
| Answer:3 1.Semrush.com 2.Ahref Free keyword |
| Answer:4 एक कंटेंट की लेंथ कितनी होनी चाहिए। गूगल में रैंक करने के लिए इसका कोई सीधा जवाब बिल्कुल नहीं है। मतलब कोई एक पक्की लिमिट नहीं है कि जिसको लगाने से ही पता चल जाएगी। इतने Words का कंटेंट गूगल में रैंक करता है। लेकिन हां कुछ लोगों के एक्सपीरियंस के हिसाब से जो लोग बहुत सालों से गूगल के साथ काम कर रहे हैं या फिर अपनी वेबसाइट पर काम कर रही है। उनका अनुमान है कि अगर हम अपनी वेबसाइट पर 800 प्लस शब्दों का कंटेंट लिखते हैं तो ऐसे कंटेंट को गूगल अच्छा मानता है और ऐसे कंटेंट को रैंकिंग मिलने के ज्यादा चांसेस होते हैं। उन कंटेंट से जिन कंटेंट के शब्द 600 है या फिर 600 से कम है। |
| Answer:5 इंटरनल लिंकिंग 2. SEO-फ्रेंडली इमेज का इस्तेमाल 3. कंटेंट के पैराग्राफ छोटे रखना 4. एक्सटर्नल लिंकिंग |
| Answer:6 गैस पोस्टिंग हम तब करते हैं जब हमको अपनी वेबसाइट के लिए Backlinks बनाने होते हैं। गैस पोस्टिंग के अंदर हम क्या करते हैं। हम दूसरी वेबसाइट को अप्रोच करते हैं। उनको हम बोलते हैं मैसेज करके कि हम आपकी वेबसाइट के लिए एक कंटेंट लिखेंगे और अगर आप हमारे कंटेंट को एक्सेप्ट कर लेते हो तो कृपया करके हमें एक बैकलिंक दे दो तो जब हम बैकलिंक लेते हैं तो उस स्थिति में हमको गैस पोस्टिंग करनी होती है। |
| Answer:7 कीवर्ड stuffing का मतलब यह होता है कि जब हम अपना एक कंटेंट लिखते हैं तो उस कंटेंट के अंदर हम अपना एक फॉक्स कीवर्ड भी ऐड करते हैं। कंटेंट के अंदर अब कुछ लोग क्या करते हैं। कुछ लोग तो फॉक्स keyword को एक लिमिट में ही ऐड करते हैं। लेकिन बहुत सारे लोग क्या करते हैं। उस keyword को लिमिट से ज्यादा बार कंटेंट के अंदर ऐड कर देते हैं तो इसी स्थिति में जब आप कीवर्ड को लिमिट से ज्यादा बार ऐड कर देते हो अपने कंटेंट के अंदर इसी कोई हम कीवर्ड स्टफिंग बोलते हैं और यह अच्छी नहीं होती है क्योंकि गूगल यह बोलता है कि आप अपने कंटेंट के अंदर लिमिटेड ही कीवर्ड का इस्तेमाल करो उससे ज्यादा नहीं करना चाहिए। |
| Answer:8 ‘Dofollow’ बैकलिंक्स हमेशा किसी वेबसाइट की रैंकिंग के लिए फायदेमंद होते हैं; इन्हें बनाने से रैंकिंग तेज़ी से बेहतर होती है और सर्च इंजन इन्हें अच्छी नज़र से देखते हैं। हालाँकि ‘nofollow’ बैकलिंक्स भी अच्छे होते हैं, लेकिन ‘dofollow’ बैकलिंक्स को ज़्यादा बेहतर माना जाता है; इसलिए, जब भी आप बैकलिंक्स बनाएँ, तो ‘dofollow’ बैकलिंक्स बनाने को प्राथमिकता दें। |
| Answer:9 अगर आपको एक वेबसाइट को रैंक करना है। एक वेबसाइट के कंटेंट को Rank करना है तो हमेशा आपको कंटेंट की क्वालिटी पर काम करना चाहिए। अगर आप कंटेंट की क्वालिटी पर काम करते हो तो ऐसा कंटेंट ज्यादा अच्छी पोजीशन पर रैंक होता है। वहीं दूसरी तरफ अगर आप सिर्फ कंटेंट की क्वांटिटी पर फोकस करते हो। मतलब आप छोटे कंटेंट लिख रहे हो। बेकार के कंटेंट लिख रहे हो ज्यादा कंटेंट कर रहे हो तो उनका आपको फायदा नहीं मिलने वाला है। इसके बजाय आप कम कंटेंट लिखो, लेकिन अच्छे कंटेंट लिखो ज्यादा डिटेल में लिखो और जिस भी टॉपिक के ऊपर कंटेंट लिख रहे हो उस टॉपिक से रिलेटेड हर चीज अपने कंटेंट में बताओ। वह कंटेंट एक अच्छा माना जाएगा। वैल्युएबल माना जाएगा। |
| Answer:10 साइड मैप एक XML फाइल होती है। यह फाइल आपको बनानी होती है और इस फाइल को बनाने के पीछे का जो मकसद होता है वह यह होता है कि इस फाइल को जब हम बनाते हैं तो गूगल इस फाइल से यह समझ पाता है कि आपकी वेबसाइट के अंदर क्या-क्या कंटेंट है। आप क्या-क्या कंटेंट लिखते हो और जब आप इस फाइल को बनाते हो तो गूगल आपके जो पेज है। वह इस फाइल के हिसाब से ही इंडेक्स करता है। अपने डेटा के अंदर तो यह फाइल बनानी जरूरी होती है क्योंकि इस फाइल को बनाने सही आपकी जो इंडेक्सिंग है, वह होने लग जाती है गूगल के अंदर। |
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