SEO Experience Interview Questions आज, मैं आपके साथ SEO से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण और अनुभव-आधारित इंटरव्यू प्रश्न, उनके उत्तरों सहित साझा करूँगा। मैं विशेष रूप से उन प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करूँगा जो अत्यंत आवश्यक हैं यदि आप इन प्रश्नों की अच्छी तरह से तैयारी कर लेते हैं, तो आपको SEO की एक ठोस समझ प्राप्त हो जाएगी।
SEO Experience Interview Questions
Question:1 Google Ranking के कोई 4 इम्पोर्टेन्ट फैक्टर्स बताओ ?
Question:2 Canonical Tag क्या होता है?
Question:3 LSI Keywords क्या होते हैं?
Question:4 DoFollow और NoFollow लिंक में क्या अंतर है?
Question:5 On Page SEO के कोई 5 Advance Points बताओ?
Question:6 Bounce Rate क्या होता हैं ये अगर ज्यादा हो जाएग तो इससे क्या नुकसाल होता हैं वेबसाइट को?
Question:7 E-E-A-T क्या है?
Question:8 बैकलिंक की क्वालिटी मैटर करती हैं या क्वांटिटी?
Question:9 कोई 2 तरीके बताओ जिनसे हाई क्वालिटी के बैकलिंक बनते हैं?
Question:10 Core Web Vitals क्या हैं?
Question:11 अगर एक वेबसाइट का कोई कंटेंट इंडेक्स नहीं हो रहा हैं तो क्या रीज़न होते हैं इसके?
Question:12 अगर एक वेबसाइट गूगल गाइडलाइन्स को फॉलो नहीं करती हैं तो ऐसे में गूगल क्या करता हैं
Question:13 White hat Techniques 5 White Hat तकनीकें कौन-सी हैं? समझाएँ।
Question:14 keyword stuffing क्या हैं?
Question:15 गूगल की कोई एक अल्गोरिथम का नाम बताओ एंड उस अल्गोरिथम का काम बताओ?
Question:16 Crawl Budget क्या होता हैं ये कैसे एक वेबसाइट को इफ़ेक्ट करता हैं?
Question:17 SEO में आज से 10 साल पहले एंड आज के टाइम में क्या चान्सेस आ गए हैं?
Question:18 आप एक वेबसाइट के ऊपर 50 Users Daily के कितने days में ला सकते हो?
Question:19 Duplicate Content को कैसे fix करते हैं?
Question:20 Boken Links SEO को कैसे affect करते हैं?
Answers
| Answer:1 वेबसाइट की अथॉरिटी (Authority) उच्च होनी चाहिए। 2. वेबसाइट पर उच्च गुणवत्ता वाले बैकलिंक्स होने चाहिए। 3. वेबसाइट पर उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट होना चाहिए। 4. वेबसाइट को Google के दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। |
| Answer:2 यह एक ऐसा टैग होता है जो सर्च इंजन को यह बताता है कि कौन सा कंटेंट जो है, वह ओरिजिनल है। कई बार क्या होता है कि एक वेबसाइट के ऊपर कुछ कंटेंट एक जैसे होते हैं या फिर कभी डुप्लीकेट कंटेंट भी हो सकते हैं तो इस Tag को हम इस लिए कंटेंट के अंदर इस्तेमाल करते हैं ताकि डुप्लीकेट कंटेंट का प्रॉब्लम ना हो सके। सर्च इंजन कंफ्यूज में ना आए कि कौन सा कंटेंट डुप्लीकेट है और कौन सा ओरिजिनल |
| Answer3 LSI Keywords (Latent Semantic Indexing Keywords) वो related keywords होते हैं जो आपके main keyword से जुड़े होते हैं और content का meaning search engine को बेहतर समझाने में मदद करते हैं। |
| Answer4 DoFollow लिंक SEO value पास करता है, जबकि NoFollow लिंक SEO value पास नहीं करता। DoFollow बैकलिंक्स को अच्छा माना जाता है। |
| Answer5 1.Intent-based content 2. Smart internal linking 3.Schema markup 4.Deep content 5.Fast loading & UX ये सारे पॉइंट्स होते हैं जो इसमें एडवांस होते हैं |
| Answer6 बाउंस रेट एक आपकी वेबसाइट का रेट होता है। इसका मतलब यह होता है कि कोई व्यक्ति अगर आपकी वेबसाइट पर आता है तो कितनी देर तक आपकी वेबसाइट पर वह व्यक्ति रुकता हैं। अगर आपकी वेबसाइट पर ज्यादा देर तक व्यक्ति रुकता है तो इसका मतलब यह होता है कि आपकी वेबसाइट पर बाउंस रेट कम है। यह एक अच्छा सिग्नल है और अगर कोई व्यक्ति जल्दी आपकी वेबसाइट से चला जाता है तो ऐसे मैं आपकी वेबसाइट का बाउंस रेट बढ़ सकता है। |
| Answer:7 E-E-A-T (Experience Expertise Authoritativeness Trustworthiness) Google का concept है जो content की quality और credibility को measure करता है। |
| Answer:8 जब आप बैकलिंक बनाते हो अपनी वेबसाइट के लिए तो यह समस्या आपके सामने जरूर आती होगी कि बैकलिंक की क्वालिटी पर फोकस किया जाए या फिर ज्यादा से ज्यादा बकलिंक बनाने पर फोकस किया जाए तो इसके लिए मैं आपको एक चीज बता दूं। अगर आप कम बैकलिंक बनाते हो और अच्छी क्वालिटी के बैकलिंक बनाते हो तो यह अच्छा माना जाता है। इसको ही गूगल अच्छा मानता है। आप कम बैकलिंक बनाओ लेकिन अच्छी क्वालिटी के बैकलिंक बनाओ। यह जरूरी होता है। ज्यादा बैकलिंक बना रहे हो। बेकार क्वालिटी के उनका कोई फायदा नहीं है। |
| Answer:9 यह दो ऐसे तरीके हैं जिनसे बहुत ही ज्यादा अच्छी क्वालिटी के बैकलिंक बनते हैं। पहला तरीका है गैस पोस्टिंग आपको किसी दूसरी वेबसाइट के लिए कंटेंट लिखना होता है और अगर आपको कंटेंट लिखकर बैकलिंक मिलता है। किसी दूसरी वेबसाइट से तो यह एक हाई क्वालिटी का बैकलिंक होता है और दूसरे तरीके का बैकलिंक होता है। लिंक एक्सचेंज अगर आप किसी दूसरी वेबसाइट पर जाते हो। कोई High Authority वेबसाइट पर जाते हो। वहां पर अगर उसे वेबसाइट का कोई लिंक टूटा हुआ है और वह लिंक आपकी वेबसाइट से एक्सचेंज हो जाता है तो इस कंडीशन में आपको एक हाई क्वालिटी का बैकलिंक मिल सकता है। |
| Answer:10 Core web vitals मतलब है कि आपकी वेबसाइट का प्रदर्शन कैसा है, जब कोई आपकी वेबसाइट खोलता है, तो आपकी वेबसाइट कितनी जल्दी खुलती है, वेबसाइट खुलने के बाद, आपकी वेबसाइट पर बटन काम कर रहे हैं या नहीं, आपकी वेबसाइट पर इमेज कितनी जल्दी लोड होती हैं, यह सब इसमें सबसे ज्यादा देखा जाता है। इसके अंदर सबसे ज्यादा जो है वह तीन चीज देखी जाती है वह तीन चीज ही है मैं आपको बताता हूं LCP: Largest Contentful Paint FID: First Input Delay CLS: Cumulative Layout Shift |
| Answer:11 अगर एक वेबसाइट का कोई कंटेंट इंडेक्स नहीं हो रहा है तो इसके पीछे कुछ रीजन हो सकते हैं। पहले रीजन यह हो सकता है कि जो उस वेबसाइट की फाइल है। Robots.txt file उस फाइल के अंदर उसे व्यक्ति ने जो No इंडेक्स टैग लगा रखा है। इस वजह से वह कंटेंट इंडेक्स नहीं होता है और दूसरा रीजन यह भी हो सकता है कि जो वह कंटेंट है जो कंटेंट इंडेक्स नहीं हो रहा है, उस कंटेंट के अंदर Noindex Tag का उपयोग किया गया है तो यह कुछ रीजन होते हैं जिस वजह से वह कंटेंट इंडेक्स नहीं होता है। |
| Answer:12 अगर कोई वेबसाइट गूगल गाइडलाइंस को फॉलो नहीं करती है और अपनी वेबसाइट के ऊपर कोई भी गलत काम करके रैंकिंग लेती है तो ऐसी स्थिति में गूगल उस वेबसाइट को पेनल्टी लगा सकता है और गूगल एक काम और कर सकता है। गूगल सर्च इंजन से उस वेबसाइट को पूरी तरीके से हटा सकता है। उस वेबसाइट की पूरी रैंकिंग डाउन कर सकता है। गूगल हमेशा ऐसी वेबसाइट को अच्छी रैंकिंग देता है जो गूगल की गाइडलाइंस को फॉलो करती है और अगर कोई वेबसाइट गूगल की गाइडलाइंस को फॉलो नहीं करती है। उस वेबसाइट को गूगल अपने हिसाब से ट्रीट करता है। |
| Answer:13 1.High-quality content बनाना 2.Proper keyword optimization 3.Internal linking 4.Mobile-friendly website 5. Genuine backlinks बनाना |
| Answer:14 कीवर्ड स्टफिंग का मतलब यह होता है कि जब आप कंटेंट लिखते हो तो आपको अपने कंटेंट के अंदर कुछ कीवर्ड भी ऐड करने होते हैं। उस कंटेंट के अंदर लेकिन उस कंटेंट के अंदर कीवर्ड को ऐड करने की एक लिमिट होती है। कई बार लोग ऐसा करते हैं कि कीवर्ड को लिमिट से ज्यादा अपने कंटेंट में ऐड कर देते हैं तो इसको ही कीवर्ड स्टफिंग कहते हैं। कंटेंट के अंदर शब्द को लिमिट से ज्यादा ऐड कर देना यह कीवर्ड स्टफिंग। होती हैं |
| Answer:15 Algorithm Name: Hummingbird :गूगल इस एल्गोरिदम को इसलिए लाया क्योंकि यूजर क्या कर रहे थे वह keyword स्टफिंग कर रहे थे अपने वेब पेज को रैंक करने के लिए वे बहुत बार एक ही keyword को अपने वेब पेज में ऐड कर रहे थे जो की सही नहीं है इस चीज को रोकने के लिए गूगल इस एल्गोरिदम को लाया था |
| Answer:16 Google हर वेबसाइट के लिए एक खास “Crawl Budget” तय करता है और उसी के हिसाब से उस साइट को Crawl करता है। यह Crawl Budget हर वेबसाइट पर निर्भर करता है—खास तौर पर, उसके कुल साइज़ और Google के पास उपलब्ध Bots की संख्या पर। इसलिए, अगर कोई वेबसाइट साइज़ में छोटी है, लेकिन उसमें बहुत ज़्यादा Content है, तो उसका Crawl Budget ऊपर-नीचे हो सकता है। |
| Answer:17 सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में आज से 10 साल पहले और आज के समय में बहुत ज्यादा चेंज आ चुके हैं। पहले क्या होता था कि कोई भी वेबसाइट कोई भी कंटेंट बनती थी तो गूगल उस कंटेंट को जल्दी से रैंक कर देता था। गूगल यह नहीं देखा था कि वह कंटेंट क्या है। किस बारे में है उस कंटेंट का क्या मोटिव है, इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देता था। पहले लेकिन अब यह पूरी तरीके से बदल चुका है। गूगल हर कंटेंट को अच्छे से चेक करता है। उस कंटेंट के अंदर क्या चीज़ लिखी है, उस चीज को चेक करता है। वह कंटेंट क्या बताना चाहता है। इस चीज को देखा है कंटेंट कितना क्वालिटी है। इस चीज को देखा है कितना अच्छा कंटेंट लिखा हुआ है। आज के समय में हर चीज यह गूगल चेक करता है। उसके बाद ही उस कंटेंट को Rank किया जाता है। गूगल द्वारा अगर वह कंटेंट वैल्युएबल होगा तभी वह कंटेंट Rank करेगा। अगर उस कंटेंट से किसी को कोई वैल्यू नहीं मिलती तो ऐसा कंटेंट सर्च इंजन में रैंक नहीं करता आज के समय में। |
| Answer:18 एक वेबसाइट के ऊपर 50 यूजर्स डेली के लाना यह कोई बहुत बड़ा काम नहीं होता है। बस इसमें हमको एक बात का ध्यान रखना होता है कि हम स्ट्रेटजी क्या इस्तेमाल करने वाले हैं। वेबसाइट के ऊपर यूजर्स लाने की जितनी अच्छी हम स्ट्रेटजी का इस्तेमाल करेंगे, उतना ही जल्दी हम यूजर्स ला पाएंगे। इसमें हम क्या कर सकते हैं। इसमें सबसे पहले हमको वेबसाइट को ऑप्टिमाइज करना होता है। सर्च इंजन के हिसाब से और दूसरा इसमें हमको कंटेंट के ऊपर ध्यान देना होता है। कंटेंट हमारा अच्छा होना चाहिए। दूसरे लोगों से अच्छा कंटेंट होना चाहिए और इसमें एक बात का और ध्यान रखना होता है कि जो हम कंटेंट लिख रहे हैं उस कंटेंट के अंदर यूनिक इनफॉरमेशन देनी है। कोई भी फेक इनफॉरमेशन नहीं देनी है और इसी के साथ-साथ हमको एक और काम करना होता है। वेबसाइट के लिए Backlinks बनाने होते हैं जितने ज्यादा अच्छी क्वालिटी के बैकलिंक्स होंगे उतना ही जल्दी रैंकिंग आएगी |
| Answer:19 Duplicate content को fix करने के लिए canonical tag, 301 redirect और unique content का उपयोग किया जाता है। |
| Answer:20 Broken links user experience खराब करते हैं और SEO ranking को negatively impact करते हैं। इसके कारण भविष्य में वेबसाइट की रैंकिंग गिर जाती है—विशेष रूप से तब, जब यह समस्या आपकी साइट पर लगातार बनी रहती है। |
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