आज के आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा कि E-E-A-T Model क्या है, इसे क्यों लाया गया है और आप इस E-E-A-T Model के हिसाब से अपनी वेबसाइट कैसे Improve कर सकते हो। यह सब मैं आपको इस आर्टिकल में बताऊंगा। अगर आपकी भी कोई वेबसाइट है, तो आपको पता होना चाहिए कि E-E-A-T Model क्या है, यह कैसे काम करता है और इसे क्यों लागू किया गया है।
आपको एक बात पता होनी चाहिए कि जब आप कोई भी आर्टिकल पढ़ते हैं, तो आपको कुछ आर्टिकल अच्छे लगेंगे जो आपको ज़्यादा जानकारी देंगे और कुछ आर्टिकल ऐसे भी मिलेंगे जिनमें बहुत कम जानकारी होगी या कोई जानकारी नहीं होगी, बस बेकार की जानकारी होगी। इस चीज़ को कंट्रोल करने के लिए, गूगल ने E-E-A-T Model लॉन्च किया है। चलिए मैं आपको इसके बारे में और बताता हूँ।
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E-E-A-T Model क्या हैं
इस Model में E-E-A-T का मतलब है कि E – Experience-E – Expertise-A – Authoritativeness-T – Trustworthiness, ये इसका पूरा नाम है, ये नाम ऐसा क्यों हैं, क्योंकि E-Experience का मतलब है कि आप जो भी बात कर रहे हैं, क्या आपने उसे खुद एक्सपीरियंस किया है, जैसे अगर आप मोबाइल फोन पर कोई आर्टिकल लिखते हैं, तो क्या आपने असल में उस मोबाइल फोन को
यूज़ किया है या नहीं, इसमें आपका एक्सपीरियंस देखा जाता है और ये जो E – Expertise है, इसका मतलब ये है कि जिस टॉपिक पर आप कंटेंट लिख रहे हैं, उसके बारे में आपको कितना पता है, उस टॉपिक से रिलेटेड आपको कितनी नॉलेज है और अब बात करते हैं A – Authoritativeness का मतलब है कि आपकी वेबसाइट की अथॉरिटी कितनी है, लोग आपकी वेबसाइट पर कितना
ट्रस्ट करते हैं, लोग आपके कंटेंट को कितना शेयर करते हैं, लोगों को आपका कंटेंट कितना पसंद आता है, ये सब इसमें देखा जाता है और अब ये T – Trustworthiness, इसमें गूगल देखता है कि आपकी वेबसाइट पर दी गई जानकारी सही है या नहीं, वेबसाइट पर आपके Contact us की डिटेल्स, ऑथर पेज, ये सब रियल हैं या फेक, ये इसमें देखा जाता है।
E-E-A-T SEO के लिए क्यों जरूरी है
कुछ समय पहले क्या होता था अगर कोई भी यूजर सर्च रिजल्ट में कोई कीवर्ड डालता था तो गूगल उस कीवर्ड के हिसाब से यूजर को कंटेंट दिखाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होता क्योंकि कभी-कभी ऐसा होता है कि टाइटल कुछ और कहता है और अंदर का कंटेंट कुछ और होता है इस वजह से यूजर का एक्सपीरियंस खराब हो जाता है इसलिए गूगल ने इस चीज पर काम किया और फिर
E-E-A-T Model Introduce किया इसमें गूगल आपके कंटेंट को देखता है कि आपने जो कंटेंट लिखा है वह कितना यूजर फ्रेंडली है और आपका कंटेंट यूजर को कितना सैटिस्फाइड करता है और इसमें यह भी देखा जाता है कि आपका कंटेंट Trusthworthy है या नहीं लोगों
को पसंद आता है या नहीं तो गूगल अब सिर्फ कीवर्ड पर फोकस नहीं करता हैं वो कंटेंट को भी देखते हैं कि कंटेंट कैसे हैं अगर कंटेंट यूजर्स को सॉल्यूशन देता है तो ऐसे कंटेंट को रैंक किया जाता है ना कि बेकार के कंटेंट को जिसमें कोई जानकारी नहीं होती
अगर आप Health, Finance, Investment या Education जैसे किसी भी टॉपिक पर आर्टिकल लिखते हैं, तो गूगल ऐसे कंटेंट को बहुत चेक करने के बाद ही रैंक करता है। अगर आपका कंटेंट वैल्यूएबल है, तभी वह रैंकिंग में आएगा, वरना नहीं। अगर आप गलत जानकारी देते हैं या यूज़र को गुमराह करते हैं तो ऐसा कंटेंट कभी रैंक नहीं करेगा।
Website के लिए E-E-A-T कैसे Improve करें
अब मैं आपको बताता हूँ कि आप E-E-A-T Model के अनुसार कैसे काम कर सकते हैं और आपको अपनी वेबसाइट पर क्या करना होगा ताकि आपकी वेबसाइट पर कोई गलत प्रभाव न पड़े।

Author Bio
आपको अपनी वेबसाइट के ऑथर बायो में वो जानकारी देनी होगी जो आप जानते हैं, आपके पास क्या अनुभव है, आपने क्या सीखा है, आपकी वेबसाइट जिस टॉपिक पर है, उसके बारे में आपको ऑथर बायो में बताना होगा, आपने क्या सीखा है, आपके पास क्या स्किल्स हैं और आप उन स्किल्स से लोगों की मदद कैसे कर सकते हैं, ये आपको ऑथर बायो में बताना होगा, इससे लोगों को साफ़ पता चलता है कि आपका फ़ोकस किस पर है, इससे आपके रीडर्स में भरोसा बनता है।
Quality Content लिखें
Quality कंटेंट आपकी वेबसाइट की ग्रोथ के लिए बहुत ज़रूरी है, इसलिए जब भी आप कंटेंट बनाएं, तो आपको सिर्फ़ क्वालिटी कंटेंट बनाने पर ध्यान देना चाहिए। बेकार और गुमराह करने वाला कंटेंट बिल्कुल न बनाएं, इससे आपकी वेबसाइट को कोई

फ़ायदा नहीं होता। जब आप बेकार कंटेंट बनाते हैं, तो यह किसी भी यूज़र को सही जानकारी नहीं देता है और ऐसा कंटेंट सर्च इंजन में रैंक भी नहीं करता है, इसलिए बेहतर है कि आप क्वालिटी कंटेंट बनाने पर ध्यान दें जो आपकी वेबसाइट के साथ-साथ आपके यूज़र्स के लिए भी अच्छा होगा।
इसके साथ ही, आप अपनी वेबसाइट पर जो भी पेज बनाएं जैसे About us, Contact us, Privacy Policy, ये सभी पेज सही होने चाहिए, मतलब यूज़र्स को कोई गलत जानकारी न दें, आप जो भी जानकारी दें, वह इन पेज में बिल्कुल सही होनी चाहिए।
Niche Fix रखें
जब आप कोई काम शुरू करते हैं, कोई बिज़नेस शुरू करते हैं या आप कोई वेबसाइट बनाते हैं और कंटेंट राइटिंग करते हैं, तो आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि आपको सिर्फ़ एक टॉपिक पर काम करना है और बहुत ज़्यादा टॉपिक मिक्स नहीं करने हैं। अगर आप बहुत ज़्यादा टॉपिक जोड़ते हैं, तो यूज़र को लगता है कि आपके पास किसी एक फ़ील्ड में खास स्किल नहीं है और
गूगल भी ऐसी वेबसाइट को ठीक से रैंक नहीं करता जो कई टॉपिक पर काम करती हैं। अगर आप एक ही टॉपिक पर काम करते हैं, तो इससे आपके रीडर्स को यह समझ आता है कि आप एक ही टॉपिक के बारे में अच्छी तरह जानते हैं, जैसे मैं अपनी वेबसाइट पर अपना उदाहरण देता हूँ। आपको ‘SEO’ से जुड़ा ज़्यादा कंटेंट मिलेगा क्योंकि हम सिर्फ़ ‘SEO’ के बारे में जानते हैं, इसलिए
हमारे यूज़र जो ‘SEO‘ सीखना चाहते हैं, वे हमारी वेबसाइट पर आना चाहेंगे क्योंकि हम ‘SEO’ के सभी टॉपिक कवर करते हैं। यूज़र ऐसी वेबसाइट पर नहीं आना चाहेंगे जहाँ Multiple टॉपिक हों, इसलिए कुल मिलाकर आपको सिर्फ़ एक ही टॉपिक पर फ़ोकस करना होगा, इससे आपकी अथॉरिटी भी जल्दी बनती है।
Comments और Engagement बढ़ाएँ
जब कोई यूज़र आपके कंटेंट पर कमेंट करता है, तो बहुत से लोग उन कमेंट्स का जवाब नहीं देते हैं। अगर आप कमेंट्स का जवाब नहीं देते हैं, तो शायद वह यूज़र दोबारा आपकी वेबसाइट पर नहीं आएगा क्योंकि आप एंगेजमेंट नहीं बना रहे हैं। लेकिन अगर आप कमेंट्स का ठीक से जवाब देते हैं, यूज़र्स की प्रॉब्लम्स सुनते हैं और उन्हें ठीक करते हैं, तो इससे एंगेजमेंट बहुत बढ़
जाता है। यूज़र्स आपकी वेबसाइट पर बार-बार इसलिए आते हैं क्योंकि आप उनकी प्रॉब्लम्स सुन रहे होते हैं और उनका सॉल्यूशन दे रहे होते हैं। यह सबसे अच्छी बात है, इसलिए आपको कमेंट्स का जवाब ज़रूर देना चाहिए और हो सके तो अपने कंटेंट में अपने यूज़र्स से कुछ सवाल पूछें, जिनका वे जवाब दे सकें। इससे भी कमेंट्स में एंगेजमेंट बनता है।
Social Media Profile add करे
आपको सभी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना होगा और अपनी वेबसाइट पर सभी सोशल मीडिया लिंक भी ऐड करने होंगे, इससे यूज़र्स में आपकी वेबसाइट के लिए भरोसा बनता है तो आपको सोशल लिंक्स लगाने चाहिए अपनी वेबसाइट पर और एक बात का ध्यान रखें कि आप अपनी वेबसाइट पर जो लिंक ऐड करते हैं

वह सही सोशल मीडिया लिंक होना चाहिए, ऐसा नहीं होना चाहिए कि जब कोई उस पर क्लिक करे तो आपकी प्रोफ़ाइल आपकी न होकर कुछ और दिखे, ऐसा यूज़र के साथ नहीं होना चाहिए, आपको अपनी असली प्रोफ़ाइल का लिंक ऐड करना होगा, अगर सोशल मीडिया पर आपकी प्रोफ़ाइल नहीं है तो पहले सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाएं उसके बाद ऐड करे।
Grammar और Spelling पर ध्यान दें
बहुत सारे लोग क्या करते हैं जब वह आर्टिकल लिखते हैं तो अपने आर्टिकल में इतने मुश्किल शब्द को ऐड कर देते हैं। जो लोगों को समझ में नहीं आते। आपको ऐसा नहीं करना है। आप जब भी आर्टिकल लिखोगे तो अपने आर्टिकल में आसान शब्दों का ही इस्तेमाल करना है और अपने सेंटेंस को पढ़ाना है। अगर आपके सेंटेंस आपको लगता है कि कुछ खराब है तो उनको भी ठीक करना है।
अगर आप इंग्लिश में कंटेंट राइटिंग करते हैं और आपको यह प्रॉब्लम बहुत आती है, तो आपको करना यह है कि आप अपने सेंटेंस को चेक करने के लिए कुछ टूल्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको ऑनलाइन ऐसे कई टूल्स मिल जाते हैं जो आपके सेंटेंस को चेक करते हैं और अगर आपने अपने कंटेंट में मुश्किल शब्दों का इस्तेमाल किया है, तो वे टूल्स उन शब्दों को भी आसान बना देते हैं।
Website का Structure सही रखें
आप लोगों ने ऐसी बहुत सारी वेबसाइट देखी होगी जिनके ऊपर कोई व्यक्ति जाएगा और वहां से जल्दी से वापस आ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन वेबसाइट का जो स्ट्रक्चर होता है, वह सही नहीं होता है। उन वेबसाइट के स्ट्रक्चर में बहुत ज्यादा दिक्कत होती है। लेकिन आपको ऐसा नहीं करना है। आपको अपनी वेबसाइट का स्ट्रक्चर देखना है। मतलब अगर कोई यूजर
आपकी वेबसाइट पर आता है तो सर्च करने के लिए कुछ होना चाहिए। आपकी वेबसाइट पर एक सर्च बटन होना चाहिए और आपकी जो वेबसाइट का स्ट्रक्चर है, वह क्लीन होना चाहिए। देखने में अच्छा लगना चाहिए। अच्छा सा Header होना चाहिए।अच्छा सा Footer होना चाहिए। अच्छा सा आपको Menu बनाना चाहिए। यह सब चीज अच्छी होनी चाहिए आपकी वेबसाइट के ऊपर।
जिस वेबसाइट का स्ट्रक्चर अच्छा होता है उस वेबसाइट के ऊपर यूजर ज्यादा देर तक रुकते हैं और उस वेबसाइट का जो बाउंस रेट है, वह भी अच्छा रहता है।
तो ये कुछ काम हैं जो आपको अपनी वेबसाइट पर करने होंगे। अगर आप भी अपनी वेबसाइट को रैंक करना चाहते हैं और अच्छी सर्च इंजन रैंकिंग चाहते हैं, तो आपको अपनी वेबसाइट पर ये काम करने होंगे। जैसे-जैसे आप अपनी वेबसाइट को बेहतर बनाएंगे, गूगल का भरोसा भी बढ़ेगा।
E-E-A-T Model के फायदे
इस मॉडल के बहुत सारे फायदे हैं जो आपको मिलते हैं अगर आप अपनी वेबसाइट को इस मॉडल के हिसाब से मैनेज करते हैं, अगर आप अपनी वेबसाइट को इस मॉडल के हिसाब से मैनेज करते हैं तो इससे आपकी वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक आता है, गूगल रैंकिंग बेहतर होती है और इसके साथ ही मार्केट में आपका ब्रांड नेम बनता है, लोग आपके ब्रांड के बारे में जानने लगते हैं
और धीरे-धीरे लोगों में आपके ब्रांड के लिए एक ट्रस्ट डेवलप होता है जिसकी वजह से लोग आपकी वेबसाइट या आपके कंटेंट पर भरोसा करने लगते हैं, तो ऐसे बहुत सारे फायदे हैं जो आपको E-E-A-T Model इस मॉडल से मिलते हैं, बस आपको अपनी वेबसाइट को इस मॉडल के हिसाब से मैनेज करना होगा।
E-E-A-T Model का उद्देश्य क्या हैं
E-E-A-T Model इस मॉडल का मेन मकसद यह है कि जो भी यूज़र सर्च इंजन से कुछ जानकारी ले रहे हैं, तो उन लोगों को सर्च इंजन से सही जानकारी मिले। जो भी कंटेंट सर्च इंजन में रैंक कर रहा है, वह कंटेंट कितना अच्छा है, लोग उस कंटेंट पर कितना भरोसा करते हैं
वह कंटेंट लोगों की प्रॉब्लम को कितना सॉल्व करता है और इसके साथ ही सर्च इंजन ऐसे कंटेंट को रैंक होने से रोकता है जो लोगों को गुमराह करता है या गलत जानकारी देता है। इस मॉडल का मकसद ऐसे कंटेंट को रोकना है और इसका लक्ष्य यूज़र्स को सही जानकारी देना है।
तो अब आपको यह ध्यान रखना है कि जब भी आप कंटेंट बनाएं तो हमेशा ऐसा कंटेंट बनाएं जो किसी भी यूजर के काम का हो, बेकार का कंटेंट नहीं बनाना चाहिए वरना वह कंटेंट रैंक नहीं करेगा और आपकी मेहनत भी बेकार जा सकती है।
E-E-A-T Model तो इस आर्टिकल में बस इतना ही उम्मीद है कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर आपके मन में इस आर्टिकल या इस E-E-A-T Model से जुड़ा कोई सवाल है, तो आप मुझे कमेंट कर सकते हैं।
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मेरा नाम जानू है, मैं कई सालों से SEO कर रहा हूँ। मुझे SEO करते हुए 5 साल से ज़्यादा हो गए हैं। हमारी वेबसाइट का एक ही लक्ष्य है कि जो भी लोग SEO सीखना चाहते हैं उनका हमारी वेबसाइट पर स्वागत है। हम अपनी तरफ़ से पूरी मेहनत करते हैं ताकि लोग SEO के बारे में सही से जान सकें जिससे आप अपने डिजिटल मार्केटिंग स्किल्स को बेहतर बना सकते हैं