आज के इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा की Duplicate Content in SEO क्या होता है। यह क्यों दिक्कत आती है और इस समस्या को किस तरीके से ठीक किया जाता है। वह भी मैं आपको बताऊंगा। इस आर्टिकल में मैं आपको बहुत सारे तरीके बताऊंगा जिनका इस्तेमाल करके आप इस समस्या को हमेशा के लिए ठीक कर सकते हो।
अगर आपके पास एक वेबसाइट है या फिर एक से ज्यादा वेबसाइट से तो आपको भी यह समस्या आ सकती है क्योंकि यह एक आम समस्या है। ये हर उस व्यक्ति को आती है जिसके पास भी एक वेबसाइट है और जो कंटेंट राइटिंग का काम करता है
और इस समस्या को ही ठीक करने के लिए बहुत सारे लोग बहुत अलग-अलग तरीके इस्तेमाल करते हैं। अपनी वेबसाइट के ऊपर और इन्हीं में से कुछ लोग ठीक कर पाते हैं। इस समस्या को लेकिन बहुत सारे आज भी ऐसे लोग हैं जो इस समस्या को सही तरीके से ठीक नहीं कर पाते हैं। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। आज के आर्टिकल में हम इस का पूरा सॉल्यूशन जानेंगे।
Duplicate Content in SEO क्या हैं
Duplicate Content in SEO इसका मतलब यह होता है कि जो भी कंटेंट आपने लिखा है अपनी वेबसाइट के ऊपर वह एक ऐसा कंटेंट है या तो आपने उस कंटेंट को किसी दूसरी वेबसाइट से कॉपी पेस्ट करके अपनी वेबसाइट पर ऐड कर दिया है तो इस स्थिति में यह समस्या आती है। डुप्लीकेट कंटेंट की
और अगर आपने किसी दूसरी वेबसाइट से कंटेंट कॉपी पेस्ट नहीं किया है। आपने खुद से कंटेंट लिखा है तो इस स्थिति में ये हो सकता है कि जो कंटेंट आपने लिखा है उस कंटेंट से रिलेटेड ही अपने पहले भी कोई एक कंटेंट लिखा होगा तो वह पहले वाला कंटेंट और यह जो कंटेंट जो आपने लिखा है यह दोनों एक ही कंटेंट।
हो गए होंगे तो इस स्थिति में भी यह दिक्कत आती है। डुप्लीकेट कंटेंट की गूगल ऐसे कंटेंट को पसंद नहीं करता है जो कंटेंट आपने पहले लिख लिया है और उसको दोबारा लिख रहे हो या फिर आपने कुछ ऐसा काम किया होगा कि आपने कुछ पैराग्राफ Same कर दिए होंगे जो आपने पहले लिखे थे। कंटेंट उसी के जैसे आपने दोबारा कंटेंट में पैराग्राफ इस्तेमाल कर लिया है तो ऐसी स्थिति में
भी वह कंटेंट आपका डुप्लीकेट ही माना जाएगा। उसमें यह होता है कि जो आपका कंटेंट होता है वह एक ही URL से ओपन होता है। कोई भी व्यक्ति अगर उस URL पर क्लिक करता है तो एक ही URL से दो कंटेंट ओपन होते हैं। ऐसी चीज को गूगल पसंद नहीं करता है।
Duplicate Content होने से SEO में क्या दिक्कत आती है
चलिए अब मैं आपको बताता हूं कि अगर आपकी वेबसाइट के ऊपर डुप्लीकेट कंटेंट है तो इस स्थिति में आपकी वेबसाइट को क्या-क्या दिक्कत होगा, सामना करना पड़ सकता है।
Ranking कम हो जाती है

जैसे मैंने आपको बताया ही है कि अगर आपने एक ही टॉपिक के ऊपर मल्टीप्ल कंटेंट लिख रखे हैं तो ऐसे में गूगल सभी कंटेंट को रैंक नहीं करता है। गूगल हमेशा एक ही कंटेंट को रैंक करेगा जो उसके समझ में आएगा और इसके बाद अगर जो बाकी के जो आपके कंटेंट है, वह रैंक नहीं होंगे तो इससे क्या होगा कि इससे आपकी वेबसाइट की। रैंकिंग डाउन हो जाती है। आपके बाकी कंटेंट को रैंकिंग नहीं मिलती है। किसी एक ही कंटेंट को इंडेक्स किया जाता है और उसी को रैंक किया जाता है।
Traffic कम हो जाता है
अगर आपकी वेबसाइट के अंदर डुप्लीकेट कंटेंट की समस्या लंबे समय तक चलती रहेगी तो ऐसी स्थिति में आपकी वेबसाइट का ट्रैफिक बहुत ही ज्यादा कम हो सकता है और जो आपके कंपीटीटर्स है, वह ज्यादा ट्रैफिक ले लेंगे और आपको ट्रैफिक नहीं मिलेगा क्योंकि आपकी वेबसाइट के ऊपर यह समस्या बनी हुई है। डुप्लीकेट कंटेंट की तो इसको जल्दी से जल्दी ठीक करना अच्छा होता है।
Crawl budget ख़राब होगा
गूगल हर एक वेबसाइट को एक Crawl बजट देता है और अगर आपकी वेबसाइट के ऊपर मल्टीप्ल कंटेंट्स लिखे हैं। एक ही टॉपिक के ऊपर तो ऐसे में जो आपका Crawl बजट है, वह बहुत ही ज्यादा ऊपर नीचे हो सकता है क्योंकि गूगल का जो Crawl बजट है वह उन कंटेंट पर लग जाएगा जो डुप्लीकेट लिखें गए हैं तो ऐसी स्थिति में आपकी वेबसाइट का करोड़ Crawl कम हो सकता है।
तो ये कुछ दिक्कतें है जो आपको देखनी पड़ सकती है। अपनी वेबसाइट के अंदर अगर आपकी वेबसाइट के ऊपर यह समस्या बनी रहती है। डुप्लीकेट कंटेंट की तो इस स्थिति में आपको यह दिक्कत देखनी पड़ सकती है।
Duplicate Content कैसे चेक करे (How to check Duplicate Content)
अगर आपकी वेबसाइट के ऊपर डुप्लीकेट कंटेंट है तो इसके बारे में आपको कैसे पता चलेगा। चलिए मैं आपको वह तरीका बताता हूं। जिन तरीकों से आपको डुप्लीकेट कंटेंट को ढूंढने में आसानी होगी।
Google Search से चेक करे
आपको क्या करना है: जिस भी कंटेंट में आपको शक है कि यह कंटेंट डुप्लिकेट कंटेंट है, तो आपको उस कंटेंट की कुछ लाइनें कॉपी करके गूगल में सर्च करनी हैं। अगर वे लाइनें किसी दूसरे कंटेंट में मिलती-जुलती हैं, तो हो सकता है कि आपका कंटेंट डुप्लिकेट हो। आपको उस कंटेंट को अपने हिसाब से बदलना होगा, तभी वह कंटेंट यूनिक बनेगा। इसमें आपको एक और बात का
ध्यान रखना है – लिखने का तरीका। अगर आपने किसी का कंटेंट पढ़ा है और आपने सोचा है कि मैं भी उसी तरह कंटेंट लिखूंगा, तो ऐसे में आप उस व्यक्ति के फॉर्मेट के हिसाब से कंटेंट लिख रहे हैं, आप उसमें अपना कुछ नहीं जोड़ रहे हैं, आप अपनी तरफ से कुछ यूनिक नहीं कर रहे हैं। अगर आप ऐसा कर रहे हैं तो भी डुप्लिकेट कंटेंट की प्रॉब्लम आती है, इसलिए आपको किसी का फॉर्मेट कॉपी नहीं करना चाहिए, आपको खुद ही अपने फॉर्मेट में कंटेंट लिखना होगा।
Tools की मदत से चेक करो
मार्केट में ऐसे कई टूल्स हैं जिनकी मदद से आप डुप्लीकेट कंटेंट चेक कर सकते हैं, उनमें से 1.Copyscape.com 2.duplichecker.com 3..siteliner.com ये कुछ अच्छे टूल्स हैं जिनकी मदद से आप आसानी से डुप्लीकेट कंटेंट चेक कर सकते हैं, ये टूल्स आपको साफ-साफ बताएंगे कि आपका कितना कंटेंट डुप्लीकेट है और कितना यूनिक कंटेंट है, मैं आपको एक बात बता दूं, अगर आप अपने कंटेंट को गूगल में रैंक करवाना चाहते हैं तो आपको यूनिक कंटेंट लिखने पर बहुत फोकस करना चाहिए, तभी वह जल्दी से जल्दी रैंक करेगा।
तो इन तरीकों से आप चेक कर सकते हैं कि आपकी वेबसाइट पर डुप्लीकेट कंटेंट है या नहीं, आपको इसके बारे में आसानी से पता चल जाएगा और अगर आपको वेबसाइट पर डुप्लीकेट कंटेंट मिलता है तो आपको उसे ठीक करने पर काम करना शुरू कर देना चाहिए।
Duplicate Content से कैसे बचे
Unique content लिखें
आपको हमेशा यूनिक कंटेंट लिखने पर काम करना होगा। अब यह कैसे होगा, इसके लिए आपको उस टॉपिक पर अच्छी तरह रिसर्च करनी होगी जिस पर आप कंटेंट लिखना चाहते हैं। आपको अपने कंटेंट में वो बातें बतानी होंगी जो दूसरे लोगों ने अपने कंटेंट में नहीं बताई हैं, तभी आपका कंटेंट यूनिक बनेगा और इसके साथ ही आपको कंटेंट लिखने के लिए अपना खुद का फॉर्मेट बनाना होगा, दूसरों को कॉपी न करें, अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको अपनी वेबसाइट पर डुप्लीकेट कंटेंट की प्रॉब्लम नहीं आएगी।
Canonical Tag लगाए

अगर आपकी वेबसाइट पर एक ही कंटेंट कई URL पर मौजूद है, तो Google को आपका कंटेंट समझने में दिक्कत होती है। Google समझ नहीं पाता कि कौन सा कंटेंट ओरिजिनल है। ऐसे में आपको अपने कंटेंट में कैनोनिकल टैग का इस्तेमाल करना होगा। इससे Google को आपके ओरिजिनल कंटेंट के बारे में पता चलता है और Google उस कंटेंट को इंडेक्स भी करता है।
Noindex Tag का इस्तेमाल करे
जैसा कि मैंने आपको बताया है कि अगर आपकी वेबसाइट पर एक ही URL से कई कंटेंट खुल रहे हैं तो इससे दिक्कत हो सकती है, इसमें आपको करना यह है कि जिस कंटेंट को आप इंडेक्स नहीं करना चाहते, उस पर Noindex टैग लगा सकते हैं, इससे गूगल उस कंटेंट को इंडेक्स नहीं करेगा जिसे आप इंडेक्स नहीं करना चाहते, गूगल उस कंटेंट को इंडेक्स करेगा जिस पर Index टैग लगा होगा।
Duplicate Content in SEO तो इस आर्टिकल में, मुझे बस उम्मीद है कि आपको यह पसंद आया होगा। अगर इस आर्टिकल से जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो आप उस पर कमेंट कर सकते हैं।
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