SEO Friendly article कैसे लिखे जानिए बहुत आसान तरीके जिससे SEO फ्रेंडली आर्टिकल लिखा जाता हैं

आज के इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा कि एक SEO Friendly article क्या होता है। इसको कैसे लिखा जाता है और SEO Friendly article क्यों जरूरी होता है। इन सभी चीजों को आज के इस आर्टिकल में हम अच्छे से जानेंगे। चलिए शुरू करते हैं

अगर आप भी ब्लॉगिंग करते हो तो आपको भी अपनी वेबसाइट के लिए कंटेंट लिखना होता है। रोज लेकिन आपको एक बात पता होनी चाहिए कि जो भी आप कंटेंट लिख रहे हो, क्या वह कंटेंट आपका SEO Friendly article है या फिर नहीं। अगर आपका कंटेंट SEO Friendly article नहीं है तो ऐसे में आपको दिक्कत हो सकती है क्योंकि आपका कंटेंट रैंक नहीं होगा। अगर आपको अपना कंटेंट रैंक करवाना हैं तो उसके लिए आपको अपने कंटेंट को SEO Friendly करना होगा अच्छे से

बहुत सारे लोगों को पता नहीं होता कि SEO Friendly article कैसे लिखा जाता हैं, लेकिन टेंशन की कोई बात नहीं है। मैं आज के आर्टिकल में आपको हर वह चीज बताऊंगा जिससे आपका पूरा कंटेंट SEO friendly बनेगा, लेकिन आपको वह पूरे काम करने होंगे जो मैं बताऊंगा।

SEO Friendly article क्या हैं

एक SEO Friendly article एक ऐसा आर्टिकल होता है जो सभी सर्च इंजन को समझ में आ सके और ऐसा कंटेंट माना जाता है जो सही कीबोर्ड पर लिखा हो और उस कंटेंट के अंदर सही इनफॉरमेशन हो सही से हेडिंग इस्तेमाल की गई हो। अच्छे पैराग्राफ इस्तेमाल किए गए हो। अच्छी इमेज लगाई गई हो। अच्छे Tags लगाए गए। ये सब चीज एकदम जब अच्छे से होती है उसी को ही हम एक SEO Friendly article बोलते हैं।

SEO Friendly article
SEO Friendly article

एक SEO Friendly article लिखने के लिए आपको अपना आर्टिकल लिखने से पहले आपको रिसर्च करना पड़ता है। अच्छे से अपने आर्टिकल के बारे में जो भी आप आर्टिकल लिखने वाले हो, अच्छे से कीवर्ड रिसर्च करना होता है कि उस Topic से रिलेटेड लोग क्या-क्या सर्च करते हैं। फिर सारी इनफार्मेशन आपको उस आर्टिकल में डालनी होती है जो आर्टिकल आप लिखने वाले हो। एक प्रॉपर अच्छा सा आर्टिकल लिखना होता है लंबा आर्टिकल।

SEO friendly article कैसे लिखे

अब मैं आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहा हूं। अगर आपने इनको फॉलो कर लिया तो आप बिल्कुल अपने कंटेंट को SEO Friendly article बना पाओगे और आपका कंटेंट गूगल में रैंक भी करेगा। लेकिन आपको एक बात का ध्यान रखना है। जो भी मैं चीज आपको बताने वाला हूं। आपको कुछ भी मिस नहीं करना है। सब चीज अपने कंटेंट में इस्तेमाल करनी है जो भी बताऊंगा।

Introduction का ध्यान रखना

जब आप SEO Friendly article लिखते हो तो आपको अपने कंटेंट का इंट्रोडक्शन ध्यान से लिखना होता है। आपको अपने कंटेंट के इंट्रोडक्शन में अपना फोकस कीवर्ड इस्तेमाल करना होता है। मतलब अपने फोकस कीबोर्ड को रखना होता है फोकस कीवर्ड वो कीवर्ड होता हैं जिसके ऊपर आप अपने कंटेंट को रैंक करना चाहते हो.और इसी के साथ-साथ आपको अपने इंट्रोडक्शन में वह चीज बतानी होती है जो आप कंटेंट के अंदर बताने वाले हो और आपको वह चीज बतानी भी है। अपने कंटेंट के अंदर तो एक स्ट्रांग इंटरेक्शन लिखना जरूरी होता है।

Proper Headings लेनी है

जब कंटेंट लिखते हो तो कंटेंट के अंदर आपको पूरी तरीके से अच्छे से एडिंग का इस्तेमाल करना है। हेडिंग ऐसी होनी चाहिए कि जब कोई आपका कंटेंट पड़ेगा तो उसको कोई दिक्कत ना हो। आपकी हेडिंग को पढ़ने में उसको आपकी हेडिंग समझ में आनी चाहिए और इसके साथ-साथ ही सर्च इंजन को भी आपकी हेडिंग समझ में आनी चाहिए। आपकी हेडिंग स्ट्रक्चर समझ में आना चाहिए जो आप अपने कंटेंट में इस्तेमाल करने वाले हो।

Title सही से लिखो

एक कंटेंट का टाइटल बहुत ही ज्यादा इंपोर्टेंट होता है क्योंकि टाइटल देखकर ही कोई भी यूजर आपके कंटेंट के ऊपर क्लिक करता है तो जब भी आप टाइटल लिखते हो अपने कंटेंट का तो टाइटल ऐसा होना चाहिए जिसको देखने के बाद किसी को उस पर क्लिक करने का मन करें। एक इंगेजिंग Title लिखना है और टाइटल लिखने के बाद आपको यह भी चेक करना है कि वह टाइटल देखने में कैसा लग रहा है। खुद भी चेक करना है। देखना है क्योंकि जितना अच्छा आपका टाइटल होगा उतना ही उस पर क्लिक होने के चांसेस बढ़ जाते हैं।

Title and description

टाइटल के बिल्कुल नीचे एक डिस्क्रिप्शन भी आता है। आपको अपने कंटेंट का एक डिस्क्रिप्शन भी लिखना होता है। अच्छे से डिस्क्रिप्शन का मतलब यह होता है कि आपको डिस्क्रिप्शन में यह बताना होता है कि जिस बारे में आपका कंटेंट है उसके बारे में कुछ थोड़ा सा आपको।डिस्क्रिप्शन में लिखना होता है लेकिन डिस्क्रिप्शन को भी इंगेजिंग ही लिखना है।

keyword Research सही से करो

यह बहुत ही इंपॉर्टेंट चीज है। कीबोर्ड अच्छे से Find करना है। आपको जिस भी टॉपिक के बारे में आप कंटेंट लिखने जा रहे हो उसे टॉपिक के बारे में आपको सही से कीवर्ड रिसर्च करना है और उन सभी कीवर्ड को अपने कंटेंट के अंदर शामिल करना है। मतलब अपने जो कीवर्ड्स ढूंढे हैं उनके बारे में बताना हैं अपने कंटेंट के अंदर । पूरा एक अच्छे से कंटेंट लिखना है और अगर आपका स्टार्टिंग का ब्लॉग है तो आपको शुरुआत में बड़े कीवर्ड पर फोकस करना चाहिए। इससे आपको रैंकिंग जल्दी मिलती है।

Free keyword Research tools name

  1. Ahref
  2. Ubersuggest
  3. Google Trends
  4. Quora

ये कुछ बेहतरीन टूल्स हैं जो आपको बिना किसी चार्ज के आसानी से असरदार कीवर्ड रिसर्च करने देते हैं। अब, जब भी आप कंटेंट लिखने वाले हों, तो पहले इन टूल्स का इस्तेमाल करके अच्छी तरह कीवर्ड रिसर्च करें, और उसके बाद ही अपना कंटेंट लिखना शुरू करें।

URL को SEO फ्रेंडली रखो

URL

जब आप कंटेंट लिखते हो तो आपके कंटेंट का एक यूआरएल भी बनता है। आपको अपने यूआरएल को हमेशा SEO फ्रेंडली ही रखना है। मतलब आपको अपने यूआरएल के अंदर अपना फोकस कीवर्ड इस्तेमाल करना है और उसके साथ-साथ ही आपको कोई भी नंबर्स नहीं इस्तेमाल करना है। अपने यूआरएल के अंदर यूआरएल को हमेशा शॉर्ट रखना है। छोटा ही रखना होता है। इससे यह SEO फ्रेंडली बन जाता है

keyword density

कीबोर्ड डेंसिटी का मतलब होता है कि आप अपने फोकस कीवर्ड को अपने कंटेंट में कितनी बार इस्तेमाल करते हो। यह कीवर्ड डेंसिटी बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट होती है। जो भी आपका फॉक्स कीवर्ड है, उसको आपको अपने कंटेंट के अंदर कुछ Main एरिया में इस्तेमाल करना होता है। अपने कंटेंट की हेडिंग में आपको इस्तेमाल करना होता है। अपने कंटेंट के इंट्रोडक्शन में आपको इसका इस्तेमाल करना होता है।

keyword density

अपने कंटेंट के डिस्क्रिप्शन में आपको इसका इस्तेमाल करना होता है और इसके साथ ही अगर आप कंक्लुजन देते हो तो उसमें भी आपको इसका इस्तेमाल करना पड़ता है तो ये कुछ Main जगह है जिसमें आपको कीबोर्ड डेंसिटी का ध्यान रखना होता है। मतलब अपना फोकस कीबोर्ड।इंपॉर्टेंट जगह पर ही इस्तेमाल करना है। ज्यादा कीबोर्ड डेंसिटी भी नहीं करनी है।

Content Paragraph short रखो

जब आप अपना कंटेंट लिखना स्टार्ट करते हो तो आपको एक बात ध्यान रखती है। आपको जो भी आप कंटेंट के अंदर पैराग्राफ लिखने वाले हो उन पैराग्राफ को छोटे ही रखना हैं। ज्यादा बड़े पैराग्राफ नहीं रखने हैं क्योंकि अगर आप ज्यादा बड़े पैराग्राफ रखोगे तो उसको कोई रीड नहीं करेगा। यूजर को फ्रस्ट्रेटेड Feel हो सकता है।

तो इस बात का ध्यान रखना है। पैराग्राफ को छोटा ही रखना है और इसके साथ-साथ अगर बुलेट प्वाइंट का इस्तेमाल कर सकते हो तो आप पैराग्राफ में बुलेट प्वाइंट का इस्तेमाल भी कर सकते हो। ये भी अच्छा तरीका हैं इनफार्मेशन देने का।

Content में Images लगाओ

जब आप कंटेंट लिखते हो तो आपको अपने कंटेंट के अंदर इमेज का भी इस्तेमाल करना है। इमेज लगाने से यूजर का एक्सपीरियंस अच्छा होता है और यूजर ज्यादा देर तक आपकी वेबसाइट पर रुकता है और अगर आप इमेज लगाते हो तो आपका कंटेंट भी लुकिंग वाइस अच्छा लगता है।

इमेज अपलोड करने से पहले एक बात का ध्यान रखना है। इमेज को SEO फ्रेंडली बनाना है। उसके बाद अपलोड करना है। मतलब जब इमेज अपलोड करोगे तो इमेज का साइज कम करना है। कंप्रेस करना है।उसके बाद इमेज के अंदर जो टैग भी देना है। आपको यह बताना है कि वह इमेज किस बारे में है ताकि सर्च इंजन को यह पता चल सके कि वह इमेज किस बारे में हैं।

Internal and External linking करो

कंटेंट के अंदर आपको इंटरनल लिंकिंग करनी है जिस भी टॉपिक के ऊपर आपने कंटेंट लिखा है। उस टॉपिक से रिलेटेड अगर आपने पहले कोई कंटेंट लिखे हैं तो उस कंटेंट के लिंक आपको उस कंटेंट में देने हैं जो कंटेंट आप लिख रहे हो और इसके साथ ही अगर कंटेंट के अंदर अगर आप कोई External लिंक लगाते हो। कोई बाहर का लिंक लगाते हो तो वह भी आप लगा सकते हो, लेकिन एक बात याद रखनी है। बाहर की जब आप लिंक लगाओगे तो वह एक होना चाहिए या फिर दो उससे ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

Content लंबाई ज्यादा रखो

बहुत सारे लोग क्या करते हैं जब वह कंटेंट लिखना स्टार्ट करते हैं तो वह छोटा सा कंटेंट लिख देते हैं और उसको ही पब्लिश कर देते हैं। लेकिन आपको ऐसा नहीं करना है क्योंकि अगर आप छोटा सा कंटेंट लिख देते हो और ऐसी पब्लिश कर देते हो तो उसमें ज्यादा इनफॉरमेशन नहीं होती है और ऐसे कंटेंट को सर्च इंजन कभी भी रैंक नहीं करता है।

सर्च इंजन हमेशा ऐसे कंटेंट को रंग करता है जिसमें बहुत सारी इनफार्मेशन होती है और सही इनफॉरमेशन होती है। ऐसा ही कंटेंट गूगल में अच्छी पोजीशन पर रैंक करता है। आपको भी प्रॉपर कंटेंट लिखना है। अच्छा कंटेंट लिखना है और 800 शब्द प्लस का कंटेंट लिखना है। 1500 Words तक का भी लिखोगे तो चलेगा लेकिन 800 प्लस का ही लिखना है।

एक बात का ध्यान रखना है। कुछ लोग क्या करते हैं। कंटेंट की लेंथ बढ़ाने के लिए कंटेंट में कुछ भी लिख देते हैं जो लिखना जरुरी नहीं होता हैं उसको भी लिख देते हैं फालतू की इनफार्मेशन या फिर गलत इनफार्मेशन ।आपको ऐसा नहीं करना है। कोई भी बेकार की चीज कंटेंट में ऐड नहीं करनी है। आपको सही चीज कंटेंट में बतानी है और उसके हिसाब से ही कंटेंट की लेंथ बढ़ानी है।

Content Copy नहीं करना है

बहुत सारे लोग क्या करते हैं कि जब उनसे कंटेंट नहीं लिखा जाता है या फिर उनको कंटेंट लिखना नहीं आता है तो वह दूसरों की वेबसाइट पर जाकर उस कंटेंट को कॉपी कर लेते हैं और अपनी वेबसाइट के ऊपर जाकर उसको पेस्ट कर देते हैं या फिर उसमें कुछ मॉडिफिकेशन करके कंटेंट में उसको तब पेस्ट कर देते हैं।

आपको ऐसा बिल्कुल नहीं करना है। ऐसे कंटेंट को गूगल अच्छे से समझ जाता है। अगर आप ऐसा करते हो तो वह कंटेंट आपका कभी भी रैंक नहीं करेगा तो ऐसी गलती बिल्कुल आपको नहीं करनी है। हां, आप कुछ आईडिया ले सकते हो। दूसरे लोगों की वेबसाइट से की आपको किस तरीके से कंटेंट लिखना है, लेकिन पूरा कंटेंट वहां से कॉपी करके कभी नहीं लिखना है।

Easy words का इस्तेमाल करो

जब आप अपना कंटेंट लिखते हो तो कंटेंट लिखते समय आपको एक बात ध्यान रखना है कि उस कंटेंट को कोई व्यक्ति ही पड़ेगा तो आपको कंटेंट की लैंग्वेज हमेशा भाषा आसान रखनी है। कंटेंट के अंदर जो शब्द इस्तेमाल करोगे, वह हमेशा आसान रखना है ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा आपका कंटेंट समझ में आ सके।

जितना ज्यादा आपका कंटेंट लोगों को समझ में आएगा, उतना ही ज्यादा लोग आपकी वेबसाइट पर टाइम बिताएंगे और आपके कंटेंट को भी पड़ेंगे और अगर आप जितना ज्यादा डिफिकल्ट वर्ड्स का इस्तेमाल करोगे तो ऐसे में कोई भी आपका कंटेंट ज्यादा नहीं पड़ेगा। वह जल्दी से आपकी वेबसाइट से चला जाएगा तो हमेशा कंटेंट की लैंग्वेज को सिंपल रखना है।

AI content नहीं लिखना है

अगर आप AI कंटेंट लिखवा कर अपने ब्लॉग पर डाल देते हो और आप यह सोचते हो कि वह कंटेंट Rank कर जाएगा। गूगल के अंदर ऐसा बिल्कुल नहीं होने वाला है क्योंकि गूगल AI कंटेंट कभी रंक नहीं करेगा। गूगल हमेशा ऐसा कंटेंट Rank करता है जो किसी व्यक्ति ने लिखा हो तो आपको इस बात का ध्यान रखना है। जब भी आप कंटेंट लिखोगे तो आपको खुद ही कंटेंट लिखना है। किसी भी AI से कंटेंट नहीं लिखवाना है। हां, अगर आपको कुछ चीज समझ नहीं आ रही है तो आप कुछ पॉइंट पूछ सकते हो। यह AI से पॉइंट्स लेने के बाद उन्हें अपने शब्दों में लिखना है अपने कंटेंट के अंदर।

Mobile Friendly Content लिखो

Mobile SEO Check

जब आप कंटेंट लिखते हैं, तो आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बहुत से लोग आपके कंटेंट को अपने मोबाइल डिवाइस पर एक्सेस करेंगे और पढ़ेंगे। अगर आपका कंटेंट मोबाइल पर सही से नहीं दिखता है, तो यूज़र्स जल्दी ही आपकी वेबसाइट छोड़ देंगे। इसलिए, दोनों डिवाइस पर अपने कंटेंट को चेक करना और उसके हिसाब से उसे कस्टमाइज़ करना बहुत ज़रूरी है।

Grammar and Spelling का ध्यान रखो

कई बार आप कंटेंट लिखते हैं, लेकिन उसमें बहुत सारी ग्रामर और स्पेलिंग की गलतियाँ होती हैं, जिन्हें आप नज़रअंदाज़ करके कंटेंट पब्लिश कर देते हैं। मैं आपको एक बात बताता हूँ: अगर आपके कंटेंट में स्पेलिंग या ग्रामर की गलतियाँ होंगी, तो कोई भी यूज़र आपकी वेबसाइट पर ज़्यादा देर तक नहीं रुकेगा। इसलिए, यह बात याद रखें: अपना कंटेंट पब्लिश करने से पहले, ग्रामर और स्पेलिंग समेत सब कुछ अच्छी तरह से चेक करें। उसके बाद ही अगले स्टेप पर जाएँ।

अपने कंटेंट में FAQ Add करो

आप जिस भी टॉपिक पर कंटेंट लिखते हैं, लोग उन टॉपिक से जुड़े कई सवाल पूछते हैं। आपको इन सवालों के जवाब अपने कंटेंट के आखिर में देने चाहिए। इससे आपकी वेबसाइट को फायदा होता है और SEO में मदद मिलती है। अगर कोई यूज़र कोई सवाल सर्च करता है और आपने उस सवाल का जवाब अपने कंटेंट में दिया है, तो आपका कंटेंट ज़्यादा रैंक कर सकता है क्योंकि उसमें उस खास सवाल का जवाब होता है।

Content Conclusion रखो

मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं। अगर आपको कंटेंट का कंक्लूजन रखना है तो आप कंटेंट का कंक्लूजन तभी रखो जब आपका कंटेंट बहुत ही ज्यादा बड़ा हो यानी कि अपने 1500 words का या फिर 2000 words का ऐसा कुछ कंटेंट लिखा है तभी आपको कंक्लुजन देना है। अगर आपने छोटा कंटेंट लिखा है 800 words का या फिर 1000 words का तो ऐसे में आप कंक्लुजन ना भी दोगे तो चलेगा। बड़े कंटेंट में कंक्लुजन देना होता है क्योंकि बड़े कंटेंट का कंक्लूजन देने से यह होता है कि लोगों को लास्ट में यह पता चल जाता है कि कंटेंट में एक्चुअल में क्या लिखा हुआ है

तो ये कुछ पॉइंट है जो आपको ध्यान में रखने हैं जब आप कंटेंट लिखोगे कंटेंट लिखने से पहले आपको इन सभी पॉइंट को अपने मन में रखना है। उसके बाद ही आपको अपना कंटेंट लिखना है और अगर आप इन पॉइंट्स को फॉलो करते हो तो आपका कंटेंट गूगल में रैंक होने के चांसेस बहुत ज्यादा बढ़ सकते हैं। अगर आपने सही तरीके से इन पॉइंट्स का इस्तेमाल किया और अपने कंटेंट में इंप्लीमेंट किया।

SEO Friendly article लिखने के फायदे

अगर आप SEO Friendly article लिखते हैं, तो आपकी वेबसाइट को कई फायदे मिलेंगे। SEO Friendly article लिखने से आपकी वेबसाइट पर सीधे सर्च इंजन से ऑर्गेनिक ट्रैफिक आता है, और इससे आपकी वेबसाइट की अथॉरिटी भी बढ़ती है। SEO-फ्रेंडली आर्टिकल लिखने से आपकी वेबसाइट की कंटेंट अथॉरिटी भी बेहतर होती है। इसलिए SEO Friendly article लिखने के बहुत सारे फायदे हैं।

अगर आप SEO Friendly article लिखते हैं, तो इससे आपकी वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक आएगा, जिससे आप Google AdSense के ज़रिए पैसे कमा पाएंगे। ऑर्गेनिक ट्रैफिक से आप दूसरे तरीकों से भी पैसे कमा सकते हैं, जैसे एफिलिएट मार्केटिंग।

SEO Friendly article लिखते समय आम गलतियां

जब आप SEO Friendly article लिखते हैं, तो आप अक्सर कुछ आम गलतियाँ करते हैं जो आपको नहीं करनी चाहिए, जैसे कीवर्ड स्टफिंग। आप कंटेंट में ज़रूरत से ज़्यादा कीवर्ड डाल देते हैं, जो गलत है। आपको अपनी कीवर्ड डेंसिटी 1% से 2% के बीच रखनी

चाहिए। एक और गलती है टाइटल और कंटेंट का मेल न खाना; कभी-कभी आप टाइटल कुछ और देते हैं लेकिन कंटेंट बिल्कुल अलग होता है। आपको इससे पूरी तरह बचना चाहिए। साथ ही, जब आप कंटेंट लिखना खत्म कर लें, तो उसे खुद पढ़ें। अगर आपको लगे कि कोई वाक्य या शब्द सही नहीं लग रहा है, तो उसे ठीक करें।

तो, मुझे उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा। इस आर्टिकल में हमने सीखा कि SEO-फ्रेंडली आर्टिकल क्या होता है और इसे कैसे लिखते हैं। मुझे उम्मीद है कि अब आप अच्छी तरह समझ गए होंगे कि SEO-फ्रेंडली आर्टिकल कैसे लिखते हैं। अगर आपके कोई सवाल हैं, तो आप कमेंट्स में मुझसे पूछ सकते हैं। साथ ही, अगर आपके पास कंटेंट या वेबसाइट से जुड़ा कोई सुझाव है, तो कृपया मुझे बताएं।

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